GG vs RCB Women: गुजरात की कमजोर गेंदबाजी का मुकाबला बेंगलुरु की धाकड़ बैटिंग से, वडोदरा में बड़ी टक्कर
GG vs RCB Women: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 4 में से चार जीत के साथ विमेंस प्रीमियर लीग के दूसरे लेग के लिए वडोदरा पहुंचीं है। वहीं, गुजरात जायंट्स की मिडिल और डेथ ओवर गेंदबाजी बड़ी चिंता है।
GG vs RCB Women: गुजरात जायंट्स की टक्कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगी।
GG vs RCB Women: विमेंस प्रीमिय लीग 2026 का वडोदरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा और पहला मुकाबला गुजरात जायंट्स (GG) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेला जाएगा। यह मैच इसलिए खास है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अब तक टूर्नामेंट की इकलौती टीम है, जिसने चार में चार मैच जीते हैं और एक भी हार का सामना नहीं किया।
RCB हर विभाग में परफेक्ट नहीं रही है, लेकिन मुश्किल वक्त में मैच जिताने वाले खिलाड़ी उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। एलिस पेरी की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम की लय नहीं टूटी। अलग-अलग मैचों में अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली। अब सवाल यह है कि नवी मुंबई में मिली कामयाबी का भरोसा क्या वडोदरा की नई परिस्थितियों में भी कायम रह पाएगा या नहीं।
दूसरी तरफ गुजरात जायंट्स की शुरुआत अच्छी रही थी। टीम ने अपने पहले दो मुकाबले जीते लेकिन इसके बाद लगातार दो हार ने उनकी कमजोरियों को उजागर कर दिया। पावरप्ले में गुजरात जायंट्स की गेंदबाजी मजबूत रही है। उन्होंने शुरुआती ओवरों में सिर्फ 7.75 रन प्रति ओवर दिए हैं, जो पूरे टूर्नामेंट में RCB के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा है।
समस्या असली तौर पर मिडिल और डेथ ओवर में सामने आई है। ओवर 7 से 16 के बीच GG ने 10.40 रन प्रति ओवर लुटाए हैं, जो किसी भी टीम में सबसे ज्यादा है। आखिरी ओवर में हालात और खराब रहे, जहां रनरेट 11.41 तक पहुंच गया। इसी वजह से मुंबई इंडियंस के खिलाफ 192 रन डिफेंड नहीं कर पाए और RCB के खिलाफ भी 182 रन रोकना मुश्किल हो गया।
आरसीबी की बल्लेबाजी इस कमजोरी को भुनाने में माहिर रही है। पिछली टक्कर में GG ने उन्हें 43/4 तक दबा दिया था, लेकिन इसके बाद ऋचा घोष और राधा यादव ने 105 रन की साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया। नतीजा यह हुआ कि RCB ने 32 रन से जीत दर्ज की।
आज के मैच में निगाहें GG की ओपनर बेथ मूनी पर होंगी। चार मैचों में वह सिर्फ 92 रन बना पाई हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 33 है। अगर मूनी लय में लौटती हैं, तो गुजरात की बैटिंग और मजबूत हो सकती है। वहीं आरसीबी के लिए लॉरेन बेल गेंद से सबसे बड़ा हथियार बनी हुई हैं। नई गेंद से स्विंग, उछाल और धीमी गेंदों का सही इस्तेमाल उन्हें खतरनाक बनाता है।
पिच की बात करें तो कोटाम्बी स्टेडियम में रन बनते भी हैं और गिरते भी हैं। पिछले सीजन यहां 400 से ज्यादा रन बने थे, लेकिन बाद के मैचों में औसत स्कोर 147 रहा। एक बात कॉमन रही है कि यहां अब तक सारे मैच चेज करने वाली टीम ने जीते हैं। ऐसे में टॉस जीतने वाली कप्तान पहले गेंदबाजी चुन सकती हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि GG अपनी गेंदबाजी की कमजोरी दूर कर पाती है या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की अपराजेय रफ्तार वडोदरा में भी जारी रहती है।