BCCI Central contract: रोहित-विराट को लग सकता बड़ा झटका, दिग्गजों का होगा डिमोशन; बीसीसीआई की बड़ी तैयारी

बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। ए प्लस ग्रेड खत्म हो सकता है। कोहली-रोहित को ग्रेड B में डाले जाने की संभावना है।

Updated On 2026-01-20 12:22:00 IST
बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। 

BCCI Central contract: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अगर प्रस्तावित नया मॉडल मंजूर हो जाता, तो भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा को झटका लग सकता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों सीनियर खिलाड़ी मौजूदा A प्लस ग्रेड से सीधे ग्रेड B में डाले जा सकते।

सूत्रों के अनुसार, सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अजित अगरकर की अगुआई में यह प्रस्ताव तैयार किया गया। समिति ने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट ढांचे को पूरी तरह बदलने की सिफारिश की है। प्रस्ताव के तहत A प्लस ग्रेड को पूरी तरह खत्म किया जाएगा और केवल तीन ग्रेड- ए, बी और सी में ही रखे जाएंगे। इस पर अंतिम फैसला BCCI की अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में लिया जाएगा।

अगर यह नया मॉडल लागू होता है, तो केवल एक फॉर्मेट या सीमित फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों को टॉप ग्रेड में जगह मिलना मुश्किल हो जाएगी। इसी वजह से विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो फिलहाल सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं, को ग्रेड-बी में रखने की बात सामने आई है।

मौजूदा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में खिलाड़ियों को A+, A, B और C चार कैटेगरी में रखा जाता है। ए प्लस ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये, A ग्रेड को 5 करोड़, B ग्रेड को 3 करोड़ और C ग्रेड को 1 करोड़ रुपये मिलते हैं। इसके अलावा मैच फीस अलग से होती है।

2024-25 की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट, जो अप्रैल 2025 में जारी की गई थी, उसमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह को A+ ग्रेड में रखा गया था। वहीं मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत ग्रेड A में थे।

ग्रेड-बी में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर शामिल थे जबकि ग्रेड-सी में रिंकू सिंह से लेकर ईशान किशन, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह और कई युवा खिलाड़ी रखे गए थे।

नए प्रस्ताव से साफ संकेत मिलते हैं कि बीसीसीआई अब मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ियों को ज्यादा प्राथमिकता देना चाहता है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम का अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल माना जाएगा।

Tags:    

Similar News