'हम सब एक साथ हैं': शशि थरूर की राहुल गांधी और खड़गे से मुलाकात, कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर लगा ब्रेक?
कांग्रेस छोड़ने की अटकलों के बीच शशि थरूर ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। बैठक के बाद थरूर बोले—हम सभी एक ही पेज पर हैं।
कांग्रेस छोड़ने की अटकलों के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।
Shashi Tharoor meets Rahul Gandhi and Kharge: कांग्रेस छोड़ने की अटकलों और पार्टी बैठकों से दूरी की खबरों के बीच तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक खड़गे के संसद स्थित कार्यालय में हुई, जिसके बाद थरूर ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है।
बैठक के बाद थरूर का बयान
मुलाकात के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीर साझा करते हुए कहा कि चर्चा सकारात्मक और रचनात्मक रही। उन्होंने लिखा कि देश की जनता की सेवा के लिए आगे बढ़ते हुए सभी नेता एक ही सोच के साथ काम कर रहे हैं। इस बयान को कांग्रेस के भीतर उठी अटकलों को शांत करने के तौर पर देखा जा रहा है।
कई मुद्दों पर हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान संसद सत्र, संगठनात्मक मसलों और भविष्य की रणनीति समेत कई विषयों पर बातचीत हुई। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच संवाद बना हुआ है।
मीडिया से बोले थरूर- पार्टी नेता से मिलना असामान्य नहीं
बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में शशि थरूर ने कहा था कि अपनी ही पार्टी के नेताओं से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह खुद स्थिति स्पष्ट करेंगे और अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगे।
क्यों उठीं थीं नाराजगी की चर्चाएं?
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा थी कि शशि थरूर पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं। बताया गया कि केरल के कोच्चि में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिला। इसके अलावा राज्य स्तर पर कुछ नेताओं द्वारा उन्हें किनारे किए जाने की बातें भी सामने आई थीं।
अहम बैठक से गैरहाजिरी ने बढ़ाई थी अटकलें
मंगलवार को शशि थरूर कांग्रेस की एक अहम बैठक में शामिल नहीं हुए थे, जिसकी अध्यक्षता सोनिया गांधी कर रही थीं। इस बैठक में संसद के बजट सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा होनी थी। उनकी गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और हवा दे दी थी।
दुबई दौरे की वजह से नहीं हो सके थे शामिल
हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि शशि थरूर उस समय दुबई में एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल थे और उन्होंने पहले ही पार्टी को अपनी अनुपस्थिति की सूचना दे दी थी। बताया जा रहा है कि वह उसी रात भारत लौट आए।
कांग्रेस में सब ठीक होने का संकेत?
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद शशि थरूर का बयान इस ओर इशारा करता है कि फिलहाल कांग्रेस के भीतर किसी बड़े राजनीतिक टकराव की स्थिति नहीं है और नेतृत्व एकजुट होकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।