यूपी में धूप और ठिठुरन की 'नूराकुश्ती': कोहरे और गलन के बीच दिल्ली-NCR में सांसों पर संकट, 15 जनवरी तक राहत के आसार नहीं
यूपी-बिहार में धूप निकलने के बाद भी गलन कम नहीं हो रही है। मौसम विभाग ने मकर संक्रांति तक शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट जारी रखा है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आसमान में पिछले तीन दिनों से सूरज अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि इस धूप का असर गलन को कम करने में नाकाम साबित हो रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों से आ रही 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली बर्फीली हवाएं धूप की तपिश को रास्ते में ही सोख रही हैं। आज 12 जनवरी को भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही बनी हुई है, जहां दिन में उजाला तो है पर ठिठुरन बरकरार है।
धूप और ठिठुरन की 'नूराकुश्ती'
यूपी के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में सुबह कोहरा छंटने के बाद धूप तो निकल रही है, लेकिन हवा में मौजूद नमी और पछुआ हवाओं ने 'चिल फैक्टर' को बढ़ा दिया है।
जानकारों का कहना है कि जब तक हवा की दिशा नहीं बदलती या हवा की रफ्तार कम नहीं होती, तब तक ऐसी 'बेअसर धूप' का सिलसिला जारी रहेगा। लोग धूप में खड़े होने के बावजूद जैकेट और स्वेटर उतारने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर: रिकॉर्ड तोड़ ठंड और जहरीली हवा
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पालम और सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। ठंड के साथ-साथ यहां प्रदूषण (AQI 380+) भी बड़ी समस्या बना हुआ है।
कोहरे और धुएं के मिश्रण से बनी 'स्मॉग' की परत धूप को जमीन तक पहुंचने से रोक रही है, जिससे दिल्ली में यूपी के मुकाबले ज्यादा अंधेरा और गलन महसूस हो रही है।
बिहार और राजस्थान: जमाव बिंदु के करीब पारा
बिहार के 19 जिलों में 'कोल्ड डे' का अलर्ट जारी है। पटना और गया में पछुआ हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं राजस्थान के चुरू और सीकर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है।
पूरे उत्तर भारत में इस वक्त एक 'एंटी-साइक्लोन' जैसी स्थिति बनी हुई है, जो ठंडी हवाओं को लगातार नीचे की ओर धकेल रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी राहत नहीं
आईएमडी के अनुसार, 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति तक यूपी और बिहार में धूप तो निकलेगी, लेकिन शाम होते ही पारा तेजी से गिरेगा। रात का तापमान 4 से 6 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर कम नहीं होगा, इसलिए धूप के भरोसे रहकर लापरवाही बरतना भारी पड़ सकता है।
बर्फबारी का असर: पहाड़ों से आ रहा 'फ्रीजर' इफेक्ट
उत्तराखंड और हिमाचल में हो रही लगातार बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के लिए प्राकृतिक 'एसी' चला दिया है। पहाड़ों की बर्फ से टकराकर आने वाली हवाएं इतनी शुष्क हैं कि वे शरीर की गर्मी को तुरंत सोख लेती हैं।
यही कारण है कि धूप निकलने के बाद भी यूपी के लोगों को वह राहत नहीं मिल रही जो आमतौर पर जनवरी की दोपहर में मिलती है।