Delhi Cyber Fraud: दिल्ली में बुजुर्ग डॉक्टर कपल को रखा 16 दिन डिजिटल अरेस्ट...14 करोड़ 85 लाख रुपये ठगे
Delhi Cyber Fraud: दिल्ली में NRI बुजुर्ग डॉक्टर कपल को डिजिटल अरेस्ट करके करोड़ों रुपये ठग लिए। पुलिस ने केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दिल्ली में NRI बुजुर्ग डॉक्टर कपल से 14 करोड़ 85 लाख ठगे।
Delhi Cyber Fraud: दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ठगों ने यहां रहने वाले NRI बुजुर्ग डॉक्टर कपल को डिजिटल अरेस्ट करके उनसे 14 करोड़ 85 लाख रुपए ठग लिए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ितों के साथ धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 के बीच हुई है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों की पहचान डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा के तौर पर हुई है। दोनों ने करीब 48 साल तक अमेरिका में रहकर UN में सर्विस की और रिटायर हो जाने के बाद साल 2015 में वापस हिंदुस्तान आ गए थे। साल 2015 में ही कपल चैरिटेबल सर्विस से जुड़ गए थे। पुलिस पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि 24 दिसंबर को साइबर ठगों ने उन्हें फोन किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी मुकदमों और अरेस्ट वारंट डर दिखाया, जिसके बाद वह आरोपियों के जाल में फंसते चले गए।
डॉक्टर इंदिरा तनेजा क्या बताया ?
मीडिया से बात करते हुए पीड़िता इंदिरा तनेजा कहती हैं, '24 दिसंबर को दोपहर के आसपास, मुझे TRAI से होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति का फोन आया, जिसमें कहा गया कि अश्लील कॉल और शिकायतों के कारण मेरा नंबर काट दिया जाएगा। उन्होंने मुझ पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया, दावा किया कि महाराष्ट्र में एक प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, और फिर मुझे वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि मेरे नाम पर केनरा बैंक खाते का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी में किया गया था। यहां तक कि जब मैंने उन्हें बताया कि मेरे पति एम्स में सर्जरी से उबर रहे हैं और हमारी मदद करने वाला कोई नहीं है, तो वे हम पर दबाव डालते रहे, और हमें 14.85 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अलग-अलग बैंक में पैसा ट्रांसफर
पुलिस जांच में पता लगा है कि साइबर ठगों ने 24 दिसंबर से लेकर सुबह 10 जनवरी तक डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा को वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट करके रखा, इस दौरान ठगों ने उनसे 8 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए, इंदिरा तनेजा ने आरोपियों को पैसा ट्रांसफर किया है। डॉक्टर इंदिरा का कहना है कि साइबर ठग कभी उनसे 2 करोड़ तो कभी 2 करोड़ 10 लाख रुपए इसी तरह से अलग-अलग अमाउंट ट्रांसफर कराने के लिए कहा है। इतना ही नहीं ठगों ने PMLA और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का हवाला देकर उन्हें डराया।
मामले का खुलासा कैसे हुआ ?
डॉक्टर इंदिरा तनेजा का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के दौरान उन्हें कहीं बाहर जाना होता था, या किसी का फोन आता था, तो ऐसे में साइबर ठग उनके पति डॉक्टर ओम तनेजा के फोन पर वीडियो कॉल करके सब सुनते और देखते थे, ताकि वह किसी को ठगी के बारे में बता ना दें। इंदिरा जी का यह भी कहना है कि जब वह पहली बार पैसा ट्रांसफर करने के लिए बैंक गईं तो, बैंक के मैनेजर ने भी उनसे पूछा था कि इतनी बड़ी रकम क्यों ट्रांसफर कर रही हैं, तो उन्होंने वहीं बताया था कि साइबर ठगों ने उन्हें समझा कर भेजा था।
मामले के बारे में तब पता चला जब 10 जनवरी की सुबह साइबर ठगों ने उन्हें कहा कि, आप अपने लोकल पुलिस स्टेशन चले जाएं, क्योंकि अब यह सारा पैसा आपको RBI के द्वारा रिफंड किया जाएगा और लोकल पुलिस को भी इस बारे में पता होगा। जब डॉक्टर इंदिरा तनेजा पुलिस स्टेशन पहुंची तब भी साइबर तक उनके साथ वीडियो कॉल पर थे, वहां उन्होंने थाने के SHO से भी ठगों की बात कराई।
इंदिरा तनेजा ने कहा कि ठगों ने पुलिसकर्मियों से बड़ी बदतमीजी से बात की, जिसकी वजह से उन्हें शक हो गया। थाने में इंदिरा तनेजा को पता चला कि उनके साथ करोड़ों को फ्रॉड हुआ है। अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर यूनिट IFSO दे दी है।
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