गणतंत्र दिवस 2026: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन से आसमान गूंजा, पैराट्रूपर्स की लैंडिंग; ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
आज पूरा देश गर्व और उत्साह के साथ भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड की सलामी लेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रध्वज फहराया। इस अवसर पर राष्ट्रगान गाया गया और 21 तोपों की जोरदार सलामी दी गई। इसके बाद, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। (यह सम्मान उनकी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा और असाधारण साहस के लिए दिया गया है।)
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। उनकी उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।
कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड शुरू हो गई है, जो लगभग 90 मिनट तक चलेगी। इस बार परेड की थीम "वंदे मातरम्" (150 वर्षों की वंदे मातरम् की विरासत) पर आधारित है। परेड के दौरान 30 झांकियां निकलेंगी, जो मुख्य रूप से दो मंत्रों पर केंद्रित होंगी- 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत'।
ये झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति, विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता को भव्य रूप से प्रदर्शित करेंगी।
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय नौसेना की झांकी ने हिस्सा लिया। इस झांकी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना ने किया।
मेजर अंजुम गोरका के नेतृत्व में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरों बटालियन ने मार्च किया।
कर्तव्य पथ पर यूरोपीय संघ (EU) का दल
यूरोपीय संघ (EU) के सैन्य दल का नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइट कर रहे हैं, जो यूरोपीय संघ मिलिट्री स्टाफ (EUMS) के डायरेक्टर जनरल की ओर से एक सेरेमोनियल जिप्सी में सवार हैं।
कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूज़िशियन ने मार्च किया।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लिए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर उड़ाए जा रहे हैं।
राजपूत रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया
इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट विकास खत्री कर रहे हैं। यह भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित इन्फैंट्री रेजिमेंट में से एक है, जिसने 250 से ज़्यादा सालों तक शानदार सेवा दी है।
स्वदेशी तोपखाने की ताकत के दो शक्तिशाली प्रतीक
कर्तव्य पथ पर भारत की स्वदेशी तोपखाने की ताकत के दो शक्तिशाली प्रतीक - धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) आत्मनिर्भर भारत और रक्षा निर्माण में तकनीकी आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाते हैं।