PCOS Issue in Women: पीसीओएस के 5 संकेत देते हैं खतरे की घंटी! गलती से भी न करें नजरअंदाज
PCOS Issue in Women: पीसीओएस की समस्या होने पर ये 5 शुरुआती संकेत लक्षण दिखाई देते हैं। जिसकी वजह से आपका वजन या मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
पीसीओएस के लक्षण (Image: grok)
PCOS Issue in Women: पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) की समस्या पहले के जमाने में ज्यादा उम्र की महिलाओं में देखी जाती थीं। लेकिन आजकल कम उम्र की लड़कियों में भी इसके लक्षण देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, शुरूआती लक्षण को पहचान लिया जाए, तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें, पीसीओएस सिर्फ पीरियड्स की गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वजन, त्वचा, बाल, मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए आइए जानते हैं पीसीओएस के 5 ऐसे संकेत, जो आपके शरीर में दिखाई देते हैं।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुगुणा दीप्ति कपिला ने बताया कि, पीसीओएस के शुरुआती संकेतों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। यानी महिलाओं और लड़कियों को कुछ लक्षणों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
तेजी से वजन बढ़ना
अगर आपका वजन तेजी से बढ़ने लगे, खासकर पेट और कमर के आसपास, तो यह पीसीओएस का संकेत हो सकता है। दरअसल, पीसीओएस में हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, जिसकी वजह से वजन बढ़ने लगता है। अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी है।
पीरियड्स का अनियमित होना
पीसीओएस होने की वजह से पीरियड्स पूरी तरह से अनियमित हो जाते हैं। कभी-कभी महीनों तक पीरियड्स आते ही नहीं हैं, और जब आते हैं तो बहुत कम या ज्यादा ब्लीडिंग होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हार्मोन असंतुलन की वजह से ओव्यूलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता है।
चेहरे पर अनचाहे बाल आना
ठोड़ी पर या मूछों की तरह अपर लिप पर बाल आने लगें, तो ये पीसीओएस के संकेत हो सकते हैं। दरअसल, पीसीओएस की वजह से शरीर में एंड्रोजन (मेल हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे अनचाहे बालों की समस्या शुरू हो जाती है।
बालों का ज्यादा झड़ना
बालों का तेजी से झड़ना भी पीसीओएस का लक्षण हो सकता है। हार्मोनल असंतुलन की वजह से बाल कमजोर होकर पतले होने लगते हैं, और तेजी से झड़ने लगते हैं।
थकान महसूस होना
अगर आपको पूरी नींद लेने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो यह पीसीओएस का संकेत हो सकता है। हार्मोनल गड़बड़ी, इंसुलिन रेजिस्टेंस, और मानसिक तनाव की वजह से ऐसा कुछ महिलाओं के साथ होता है।
पीसीओएस को नजरअंदाज न करें
पीसीओएस को समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो यह आगे चलकर कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
- गर्भधारण में परेशानी हो सकती है।
- टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
- दिल से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है।
पीसीओएस होने पर क्या करें?
पीसीओएस को इलाज के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा जीवनशैली में कुछ बदलाव भी करने पड़ सकते हैं।
- घर का बना हुआ खाना खाएं, यानी बाहर की चीजें खाना कम कर दें।
- हर रोज योग करना बहुत जरूरी है।
- वजन को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
- तनाव कम करने की कोशिश करें।
अगर आपके शरीर में ये 5 संकेत दिख रहे हैं, तो इस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। सही जानकारी, समय पर डॉक्टर की सलाह, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर पीसीओएस को संतुलित किया जा सकता है।
(Disclaimer): ये लेख सामान्य जानकारी के लिए दिया गया है। हरिभूमि इसकी पुष्टि नहीं करता, अगर आपको पीसीओएस या किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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