Snack Plant: बालकनी में स्नैक प्लांट लगाना चाहते हैं? इस तरह प्लांटेशन करें, तेजी से बढ़ेगा
Snack Plant: घर की बालकनी में स्नैक प्लांट लगाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसे लगाकर देखभाल करना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
बालकनी में स्नैक प्लांट लगाने का तरीका।
Snack Plant: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हेल्दी स्नैक्स ढूंढना किसी चैलेंज से कम नहीं है। ऐसे में अगर आपकी बालकनी से ही ताजे और हेल्दी स्नैक प्लांट मिल जाएं, तो सोचिए कितना सुकून मिलेगा। कम जगह, कम मेहनत और ज्यादा फायदा—बालकनी गार्डनिंग इसी का नाम है।
शहरों में रहने वाले लोग अब सिर्फ शो-प्लांट नहीं, बल्कि ऐसे पौधे लगाना चाहते हैं जिनसे रोजमर्रा के खाने में भी मदद मिले। धनिया, पुदीना, हरी मिर्च और चेरी टमाटर जैसे स्नैक प्लांट बालकनी में आसानी से उगाए जा सकते हैं, बस सही तरीका अपनाना जरूरी है।
स्नैक प्लांट क्या होते हैं?
स्नैक प्लांट वे पौधे होते हैं जिनकी पत्तियां, फल या तने हल्के-फुल्के नाश्ते या चटनी, सलाद और गार्निश में इस्तेमाल किए जाते हैं। ये पौधे जल्दी बढ़ते हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं मांगते।
बालकनी के लिए बेस्ट स्नैक प्लांट
बालकनी में लगाने के लिए धनिया, पुदीना, मेथी, हरी मिर्च, चेरी टमाटर, लेट्यूस और पालक सबसे अच्छे माने जाते हैं। ये सभी पौधे कम गहराई वाले गमलों में भी अच्छी ग्रोथ दिखाते हैं।
सही गमला और मिट्टी का चुनाव
स्नैक प्लांट के लिए 6 से 10 इंच गहराई वाला गमला पर्याप्त होता है। मिट्टी हल्की और जल निकास वाली होनी चाहिए। गार्डन सॉयल में वर्मी कम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं।
बीज या पौधा क्या बेहतर है?
धनिया, पालक और मेथी जैसे पौधे बीज से जल्दी उग जाते हैं, जबकि पुदीना और लेट्यूस पौधे से लगाना बेहतर रहता है। बीज बोते समय उन्हें ज्यादा गहराई में न दबाएं।
धूप और पानी का सही संतुलन
बालकनी में रोज 3 से 5 घंटे की धूप जरूरी है। सुबह की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है। पानी ज्यादा देने से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए मिट्टी सूखने पर ही पानी डालें।
तेजी से ग्रोथ के घरेलू टिप्स
हफ्ते में एक बार सरसों खली का पानी या वर्मी कम्पोस्ट डालने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं। समय-समय पर पत्तियों की कटाई करने से नई ग्रोथ भी बेहतर होती है।
कीड़े-मकोड़ों से कैसे बचाएं
नीम तेल का स्प्रे या साबुन वाले पानी का हल्का छिड़काव करने से कीड़े दूर रहते हैं। केमिकल स्प्रे से बचना ही बेहतर है, क्योंकि ये पौधे खाने में इस्तेमाल होते हैं।
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(लेखक:कीर्ति)