Kidney Diseases: आंखें भी देती हैं किडनी की बीमारी का संकेत! इन 5 लक्षणों से समझ जाएं रिस्क
Kidney Diseases: किडनी की बीमारी शरीर को पूरी तरह से तोड़ देती है। इस बीमारी की शुरुआत में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षण।
Kidney Diseases: किडनी की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शरीर समय रहते कई संकेत देने लगता है, जिनमें आंखों में दिखने वाला एक बदलाव भी शामिल है।
डॉक्टर्स के अनुसार किडनी, ब्लड प्रेशर और आंखों की सेहत आपस में गहराई से जुड़ी होती है। अगर आंखों में होने वाले इस संकेत के साथ शरीर में कुछ और बदलाव भी दिखने लगें, तो यह किडनी की समस्या की ओर इशारा कर सकता है। आइए जानते हैं आंखों से जुड़ा वह एक अहम लक्षण और किडनी की बीमारी में दिखने वाले अन्य बड़े संकेत।
किडनी की बीमारी के 5 बड़े संकेत
आंखों में सूजन
अगर सुबह उठते ही आंखों के आसपास सूजन नजर आए और यह बार-बार होने लगे, तो इसे हल्के में न लें। किडनी जब ठीक से काम नहीं कर पाती, तो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता। इसका असर सबसे पहले आंखों के आसपास दिखाई देता है, क्योंकि यहां की त्वचा बहुत नाजुक होती है। लगातार बनी रहने वाली आंखों की सूजन किडनी की खराबी का शुरुआती संकेत हो सकती है।
पेशाब से जुड़े बदलाव
किडनी का सीधा संबंध पेशाब से होता है। अगर पेशाब का रंग गहरा हो जाए, झागदार पेशाब आए, बार-बार पेशाब लगे या बहुत कम पेशाब हो, तो यह किडनी के ठीक से काम न करने का संकेत हो सकता है।
पैरों और टखनों में सूजन
किडनी खराब होने पर शरीर में फ्लूड जमा होने लगता है। इसका असर पैरों, टखनों और कभी-कभी हाथों में सूजन के रूप में दिखाई देता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार थकान और कमजोरी
किडनी खून को साफ करने का काम करती है। जब यह प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। इससे व्यक्ति को बिना ज्यादा काम किए भी थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है।
भूख कम लगना और मतली
किडनी की बीमारी में शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि भूख कम लगती है, खाना अच्छा नहीं लगता और कई बार मतली या उल्टी की शिकायत भी हो सकती है।
सांस फूलना
जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह फेफड़ों में जमा हो सकता है। ऐसे में थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर भी सांस फूलने लगती है। यह लक्षण गंभीर किडनी समस्या का संकेत हो सकता है।
क्यों जरूरी है समय पर पहचान
किडनी की बीमारी अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाए, तो दवाइयों और लाइफस्टाइल बदलाव से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। आंखों में सूजन के साथ अगर ऊपर बताए गए लक्षण भी दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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