Ikkis X Review: धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ने दर्शकों को किया भावुक, वॉर-ड्रामा फिल्म ने छुआ दिल
श्रीराम राघवन की वॉर-ड्रामा फिल्म ‘इक्कीस’ रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गई है। धर्मेंद्र की आखिरी स्क्रीन मौजूदगी और अरुण खेतरपाल की सच्ची कहानी ने दर्शकों को भावुक कर दिया है।
दर्शकों ने सोशल मीडिया पर फिल्म 'इक्कीस' का रिव्यू दिया है।
Ikkis X Review: श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘इक्कीस’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के आते ही सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की अनकही सच्ची कहानी पर आधारित यह बायोग्राफिकल वॉर ड्रामा दर्शकों के दिलों को छू रहा है। खास तौर पर दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी स्क्रीन मौजूदगी ने फैंस को भावुक कर दिया है।
दर्शक हुए भावुक
फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने X पर अपने रिव्यू दिए हैं। एक यूजर ने लिखा- धर्मेंद्र की पर्दे पर आखिरी मौजूदगी में एक ऐसी कोमलता है जो स्वाभाविक रूप से आपको भावुक कर देती है। इसीलिए तो उन्हें इतने वर्षों तक प्यार मिलना स्वाभाविक था!
फिल्म में अरुण खेतरपाल के पिता की भूमिका निभा रहे धर्मेंद्र को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं खास तौर पर भावुक रहीं। एक अन्य यूजर ने यह भी कहा कि ‘इक्कीस’ न सिर्फ अरुण खेतरपाल के बलिदान को सम्मान देती है, बल्कि भारत में बनने वाली वॉर फिल्मों की परंपरागत शैली को भी नया रूप देती है। उन्होंने अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की भी जमकर तारीफ की।
फिल्म के बारे में
‘इक्कीस’ सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल, परमवीर चक्र के जीवन पर आधारित है। फिल्म 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध के दौरान बसंतर की लड़ाई में उनके बलिदान की कहानी को दिखाती है।
फिल्म में अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता ब्रिगेडियर एम.एल. खेतरपाल (रिटायर्ड) के किरदार में नजर आते हैं। जयदीप अहलावत पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं राहुल देव लेफ्टिनेंट कर्नल हनुत सिंह के किरदार में दिखाई देते हैं।