India-EU FTA Deal: 'मदर ऑफ ऑल डील्स' से भारतीय अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख, 6 सेक्टर्स को मिलेगा बूस्ट

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से 96.6% ट्रेड पर टैरिफ घटेंगे या खत्म होंगे। भारत के 6 सेक्टर्स और इनसे जुड़ी कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे।

Updated On 2026-01-27 18:03:00 IST

India-EU FTA Deal: 'मदर ऑफ ऑल डील्स' से किन सेक्टर्स को फायदा मिलेगा। 

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 27 जनवरी को हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को दुनिया भर में 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों पक्षों ने ज्यादातर सामानों पर टैरिफ में बड़ी कटौती पर सहमति जताई। मकसद साफ है कि आपसी व्यापार बढ़ाना और अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करना।

ईयू के मुताबिक, इस डील से 2032 तक भारत को होने वाला यूरोपीय देशों का निर्यात दोगुना हो सकता। समझौते के तहत वैल्यू के हिसाब से 96.6% ट्रेड होने वाले सामानों पर टैरिफ खत्म या कम होंगे, जिससे यूरोपीय कंपनियों को करीब 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत होगी। वहीं भारत को भी बड़े स्तर पर एक्सपोर्ट का फायदा मिलने वाला।

EU सात साल में भारत से आने वाले 99.5% सामानों पर टैरिफ शून्य कर देगा। इसमें मरीन प्रोडक्ट्स, लेदर, टेक्सटाइल, केमिकल्स, रबर, बेस मेटल और जेम्स-ज्वेलरी जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए बड़ा अवसर बताया।

किन सेक्टर्स को इस डील से फायदा मिलेगा। किन कंपनियों के शेयर भागेंगे।

मरीन प्रोडक्ट्स से जुड़ी कंपनियों को फायदा

भारतीय मरीन उत्पादों पर ईयू में टैरिफ पूरी तरह खत्म होगा। इससे विशाखापट्टनम, काकीनाडा, वेरावल, कोच्चि, अलप्पुझा, दीघा और हल्दिया जैसे पोर्ट्स से एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है। इससे फिशरी, प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स में रोजगार बढ़ेगा। फोकस में रहने वाले शेयर हैं कि एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंति फीड्स और कोस्टल कॉरपोरेशन।

केमिकल सेक्टर को क्या फायदा मिलेगा?

ईयू ने भारतीय केमिकल एक्सपोर्ट पर औसतन 12.8% टैरिफ को 97.5% प्रोडक्ट्स पर शून्य करने का फैसला किया। इससे गुजरात के भरूच-वडोदरा और महाराष्ट्र के केमिकल बेल्ट को बड़ा फायदा मिल सकता है। एक्यूटास केमिकल्स, एसआरएफ, पीसीबीएल और जुबिलियंट इनग्रेविया जैसे शेयर चर्चा में रहेंगे।

टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

ईयू में 12% ड्यूटी खत्म होने से भारतीय कपड़े यूरोप में सस्ते होंगे। तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, तेलंगाना के क्लस्टर्स को इसका सीधा फायदा मिलेगा। फिलिप कैपिटल के मुताबिक, ये डील भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को लेवल प्लेइंग फील्ड देगी। इसमें वेलस्पन लिविंग, इंडो काउंट, केपीआर मिल, ट्राईटेंड, अरविंद और Vardhman Textiles फोकस में हैं।

फार्मा सेक्टर को भी होगा फायदा

EU मार्केट में भारतीय फार्मा कंपनियों को प्रेफरेंशियल एंट्री मिलेगी। रेगुलेटरी अप्रूवल आसान होने से जेनरिक और बायोसिमिलर कंपनियों को फायदा होगा। इसमें बायोकॉन, डॉक्टर रेड्डीज, सन फार्मा, ल्यूपिन और Aurobindo जैसे शेयर अहम रहेंगे।

लेदर और फुटवियर

17% टैरिफ खत्म होने से तमिलनाडु और यूपी के लेदर क्लस्टर्स को नई जान मिलेगी। रिलेक्सो फूटवियर्स, मिर्जा इंटरनेशनल और लिबर्टी शूज पर नजर रहेगी।

जेम्स एंड ज्वेलरी

4% ड्यूटी हटने से मुंबई, सूरत और जयपुर के ज्वेलरी हब्स को फायदा मिलेगा। गोकुलदास इंटरनेशनल और Vaibhav Global जैसे शेयर चर्चा में हैं। कुल मिलाकर, भारतीय और ईयू के बीच हुई इस डील से भारतीय उद्योग, एमएसएमई और रोजगार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

(प्रियंका कुमारी)

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