FMCG Index: एफएमसीजी इंडेक्स 9 महीने के निचले स्तर पर, 2 दिन में 4% गिरा, किस वजह से आई गिरावट
FMCG Index down: आईटीसी में भारी बिकवाली से एफएमसीजी इंडेक्स 9 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा। दो दिन में एफएमसीजी इंडेक्स 4% और आईटीसी शेयर 14% से ज्यादा टूटे। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के फैसले से तंबाकू सेक्टर पर दबाव।
एफएमसीजी सेक्टर में शुक्रवार को बड़ा दबाव देखने को मिला है।
FMCG Index down: फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स यानी एफएमसीजी सेक्टर में शुक्रवार को बड़ा दबाव देखने को मिला। आईटीसी शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट के चलते निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 2 कारोबारी सत्रों में करीब 4 फीसदी टूटकर 9 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। सरकार द्वारा सेंट्रल एक्साइज एक्ट में संशोधन की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद आईटीसी के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
शुक्रवार को आईटीसी का शेयर 5 फीसदी टूटकर इंट्रा-डे में 345.25 रुपये तक आ गया,जो इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर भी है। बीते दो सेशन में आईटीसी के शेयर 14 फीसदी से ज्यादा गिर चुके। इस तेज गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी साफ दिखा। आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 72 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा घटकर 2 जनवरी को 438075 करोड़ रुपये रह गया। यह गिरावट 31 जनवरी को एक्साइज ड्यूटी बढ़ोतरी के सरकारी फैसले से पहले के स्तर की तुलना में दर्ज की गई।
आईटीसी में भारी बिकवाली का सीधा असर एफएमसीजी इंडेक्स पर पड़ा। शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसला और यह निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स में इकलौता ऐसा सेक्टर रहा,जो लाल निशान में बंद हुआ। पिछले दो सेशन में इंडेक्स कुल मिलाकर 4 फीसदी से ज्यादा टूट चुका। शुक्रवार को यह 52741 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया, जो 21 मार्च 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर।
आईटीसी के अलावा अन्य एफएमसीजी शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। रेडिको खैतान के शेयर 3.55 फीसदी तक टूटे। यूनाइडेट ब्रिवरीज में करीब 1 फीसदी की गिरावट रही। वहीं, नेस्ले इंडिया, यूनाइडेट स्प्रिट्स, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे बड़े शेयरों में भी 1 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई।
ITC के शेयर क्यों गिरे?
दरअसल, गुरुवार को ITC के शेयरों में 9.69 फीसदी की बड़ी गिरावट आई थी और यह 363.95 रुपये पर बंद हुआ था। इसकी वजह वित्त मंत्रालय द्वारा सेंट्रल एक्साइज एक्ट में संशोधन की अधिसूचना जारी करना रहा। नए नियमों के तहत 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1 हजार स्टिक पर 2050 रुपये से 8500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगेगी। यह ड्यूटी 40 फीसदी जीएसटी के अलावा होगी।
इसके साथ ही हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस एक्ट भी लागू किया गया है, जिसके तहत पान मसाला से जुड़े कारोबार की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी पर सेस लगाया जाएगा। हालांकि, पान मसाला पर कुल टैक्स बोझ 40 फीसदी जीएसटी समेत 88 फीसदी ही रहेगा।
इस फैसले का असर तंबाकू सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी दिखा। गुडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर गुरुवार को 4.58 फीसदी टूटे और शुक्रवार को भी 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। वहीं, वीएसटी इंडस्ट्रीज में भी लगातार दूसरे दिन कमजोरी दर्ज की गई।
(प्रियंका कुमारी)