E-Bike: इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने से पहले जान लें 7 बातें, वरना हो सकता है नुकसान
भारत में EV सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसलिए सही जानकारी और तैयारी के साथ किफायती एवं भरोसेमंद ब्रांड की इलेक्ट्रिक बाइक चुनना समझदारी होगी।
इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने से पहले जान लें 7 बातें
E-Bike: अगर आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके बेहद काम की है। आज इलेक्ट्रिक बाइक सिर्फ एक नया ट्रेंड नहीं रहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनती जा रही हैं। भारतीय बाजार में अब कई ऐसी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल मौजूद हैं, जो अच्छे फीचर्स, दमदार परफॉर्मेंस और लंबी रेंज के साथ आती हैं। लेकिन सही इलेक्ट्रिक बाइक चुनने के लिए कुछ अहम बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
1. अपनी रोजमर्रा की जरूरत समझें
इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने से पहले यह तय करें कि आपका रोज का सफर कितना है। क्या आपकी डेली राइड 30–40 किलोमीटर तक सीमित है या आपको अक्सर 60–80 किलोमीटर चलना पड़ता है? ऑफिस के अलावा छोटे-मोटे काम, बच्चों को लाना-ले जाना और वीकेंड ट्रिप्स को भी ध्यान में रखें। आमतौर पर EV लेने के बाद चलाने की दूरी बढ़ जाती है, इसलिए जरूरत से थोड़ी ज्यादा रेंज वाली बाइक चुनना बेहतर रहता है।
2. रेंज और बैटरी कैपेसिटी पर ध्यान दें
आज ज्यादातर इलेक्ट्रिक बाइक एक बार चार्ज करने पर 90 से 200 किलोमीटर तक चलने का दावा करती हैं। लेकिन असली रेंज ट्रैफिक, वजन, सड़क और मौसम पर निर्भर करती है। आम तौर पर रियल-वर्ल्ड रेंज, कंपनी के दावे का करीब दो-तिहाई ही होती है। इसलिए टेस्ट राइड जरूर लें और मौजूदा यूजर्स से फीडबैक भी जानें।
3. बैटरी लाइफ और वारंटी समझें
ज्यादातर EVs में लिथियम-आयन बैटरी मिलती है, जिस पर 3 साल या तय किलोमीटर की वारंटी होती है। डीलर से यह जरूर पूछें कि बैटरी की क्षमता कितनी गिरने पर वारंटी खत्म मानी जाएगी और वारंटी के बाद बैटरी बदलने का खर्च कितना आएगा।
4. चार्जिंग सुविधा और समय
अधिकांश इलेक्ट्रिक बाइक घर के सामान्य 15A सॉकेट से चार्ज हो जाती हैं। छोटी बैटरी को 4–5 घंटे और बड़ी बैटरी को 6–8 घंटे तक लग सकते हैं। फास्ट चार्जिंग तभी फायदेमंद है, जब आपके शहर में उस ब्रांड के चार्जर आसानी से उपलब्ध हों।
5. सब्सिडी और रनिंग कॉस्ट
सरकारी सब्सिडी से EV सस्ती लग सकती है, लेकिन ये योजनाएं बदलती रहती हैं। इसलिए कीमत में सब्सिडी शामिल है या नहीं, यह साफ पूछें। लंबी अवधि में बिजली का खर्च और मेंटेनेंस पेट्रोल बाइक से काफी कम होता है।
6. परफॉर्मेंस और ब्रेकिंग
इलेक्ट्रिक बाइक का इंस्टेंट टॉर्क शहर में बेहतर पिकअप देता है। अलग-अलग राइडिंग मोड्स रेंज और परफॉर्मेंस को प्रभावित करते हैं। टेस्ट राइड में ब्रेकिंग और सस्पेंशन जरूर जांचें।
7. बिल्ड क्वालिटी और सर्विस नेटवर्क
भारतीय सड़कों के हिसाब से बाइक की मजबूती, सर्विस सेंटर की उपलब्धता और स्पेयर पार्ट्स बेहद जरूरी हैं। साथ ही सॉफ्टवेयर फीचर्स के साथ बेसिक कंट्रोल्स का फिजिकल होना भी जरूरी है।
(मंजू कुमारी)