अमेरिका ने शनिवार रात ईरान के मिसाइल अड्डों और फैक्ट्रियों को पूरी तरह तबाह करने के लिए अपने सबसे बड़े हवाई अभियान की घोषणा की है।

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के आठवें दिन वाशिंगटन ने तेहरान पर अब तक के सबसे बड़े हमले का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में स्पष्ट किया कि आज की रात ईरान के सैन्य ढांचे के लिए निर्णायक साबित होने वाली है।

​ईरान की मिसाइल शक्ति को खत्म करने का ब्लूप्रिंट

​अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आगामी बड़े हमले का प्राथमिक उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को पूरी तरह पंगु बनाना है। वित्त मंत्री बेसेंट के अनुसार, गठबंधन सेना ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और मिसाइल बनाने वाली प्रमुख फैक्ट्रियों को निशाना बनाएगी। इस रणनीतिक कार्रवाई के जरिए अमेरिका का लक्ष्य ईरान की लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर करना है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता को फिर से बहाल किया जा सके।

​तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर इजरायली स्ट्राइक

​घोषित महा-हमले से पहले ही इजरायल ने शुक्रवार देर रात तेहरान में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इजरायली वायुसेना ने तेहरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मेहराबाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों के बाद एयरपोर्ट परिसर से आग की लपटें और धुएं का भारी गुबार उठता हुआ देखा गया। यह हमला ईरान के हवाई संपर्क और रसद आपूर्ति तंत्र को बाधित करने की इजरायली रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

​जमीनी जंग की तैयारी में ट्रंप और सैन्य मदद

​युद्ध के बढ़ते दायरे के बीच अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के साथ ही रणनीतिक बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के भीतर जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ इस विचार को साझा किया है। इस बीच, अमेरिका ने इजरायल को सैन्य रूप से और मजबूत करने के लिए लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के नए हथियार देने का भी फैसला किया है।

​क्षेत्रीय तनाव: सऊदी-कतर पर ड्रोन हमले नाकाम

​जंग की आग अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में ले रही है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसके 'शायबह तेल क्षेत्र' की ओर बढ़ रहे 6 ईरानी ड्रोनों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा रियाद की ओर बढ़ रहा एक अन्य ड्रोन भी मार गिराया गया। कतर ने भी शुक्रवार को ड्रोन हमलों की एक लहर का सामना किया, जिसमें 10 में से 9 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक ड्रोन आबादी से दूर एक सुनसान इलाके में जा गिरा।

जंग के अब तक के बड़े अपडेट्स

  • मानवीय क्षति: अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में अब तक ईरान में 1332 लोगों की मौत होने की खबर है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर चोट: ईरान के भीतर 1300 से अधिक हमले किए गए हैं, जिनमें 14 मेडिकल सेंटरों को भी नुकसान पहुँचा है और कई शहरों में बिजली-पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
  • ईरानी पलटवार: ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुवैत, बहरीन और यूएई में स्थित 20 अमेरिकी बेस को क्षति पहुँचाई है।
  • रूसी हस्तक्षेप का दावा: वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि रूस ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा कर रहा है।