Iran Israel War 2026: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा और आक्रामक संदेश जारी किया है। ट्रंप ने इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड, ईरानी सेना और पुलिस को सीधे चेतावनी देते हुए कहा है कि हथियार डाल दोगे, तो माफ कर दिया जाएगा। यदि ऐसा नहीं किया तो निश्चित तौर पर मौत का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, उन्होंने ईरान की जनता से भी सरकार पर कब्जा करने की अपील कर दी है। इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
सेना को सीधी चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि जो सैनिक और सुरक्षाबल हथियार डाल देंगे, उन्हें “पूरी इम्यूनिटी” और सुरक्षित व्यवहार मिलेगा। लेकिन अगर उन्होंने विरोध जारी रखा तो “भयानक शक्ति” का सामना करना होगा।
जनता से क्या कहा?
ट्रंप ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आजादी का समय आ गया है।” उन्होंने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी और दावा किया कि “जब हमारा काम पूरा होगा, तो सरकार तुम्हारी होगी।”
बड़ा राजनीतिक संदेश
ट्रंप ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों में ईरानी जनता ने अमेरिका से मदद मांगी, लेकिन कोई राष्ट्रपति आगे नहीं आया। उन्होंने खुद को वह नेता बताया जो “अब कार्रवाई करने को तैयार है।”
"यह सामूहिक आतंकवाद है, अब अमेरिका इसे और बर्दाश्त नहीं करेगा।”
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों से उसका शासन अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ हिंसा और आतंक का अभियान चला रहा है। उन्होंने तेहरान में अमेरिकी दूतावास बंधक संकट, 1983 बेरूत मरीन बैरक्स धमाका, USS Cole हमला और इराक में अमेरिकी सैनिकों पर हमलों का जिक्र किया।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि लेबनान, यमन, सीरिया और इराक में सक्रिय मिलिशिया को ईरान ने हथियार और फंडिंग दी। साथ ही 7 अक्टूबर को इज़राइल पर हमास के हमले को भी ईरान से जोड़ा। उन्होंने कहा-“यह सामूहिक आतंकवाद है, और अब अमेरिका इसे और बर्दाश्त नहीं करेगा।”
ट्रम्प ने आखिर में अमेरिकी मिलिट्री की ताकत का बखान किया। प्रार्थना और "God bless" के साथ अपनी स्पीच खत्म की।