बांग्लादेश के आम चुनाव में BNP ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है। इस जीत में BNP के तीन दिग्गज हिंदू नेताओं—गायेश्वर चंद्र रॉय, नितई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान—ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत दर्ज की।

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 211 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का मार्ग साफ कर दिया है।

इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की भागीदारी और उनकी जीत रही है। मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को मात्र 68 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।

​BNP के तीन हिंदू चेहरों ने दर्ज की बड़ी जीत

​इस बार के चुनाव में BNP ने कई हिंदू उम्मीदवारों पर भरोसा जताया था, जिनमें से तीन प्रमुख चेहरों ने शानदार जीत हासिल की है:-

गायेश्वर चंद्र रॉय (ढाका-3): BNP के सीनियर नेता और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य गायेश्वर चंद्र रॉय ने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम को 15,899 वोटों के अंतर से हराया। गायेश्वर चंद्र को कुल 99,163 वोट मिले। वे पूर्व में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।

नितई रॉय चौधरी (मगुरा-2): BNP के उपाध्यक्ष और प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरा नितई रॉय चौधरी ने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 1,47,896 वोट मिले। उन्होंने जमात के उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के बड़े अंतर से पटखनी दी।

एडवोकेट दीपेन दीवान (रंगमती): रंगमती संसदीय सीट से BNP के टिकट पर एडवोकेट दीपेन दीवान ने जीत का परचम लहराया है। उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार पहल चकमा को 9,678 वोटों के अंतर से हराया। दीपेन दीवान को कुल 31,222 वोट प्राप्त हुए।

​जमात का इकलौता हिंदू कार्ड हुआ फेल

​जमात-ए-इस्लामी ने भी इस चुनाव में एक हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा था, लेकिन वे अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। जमात गठबंधन ने खुलना-1 सीट से कृष्णा नंदी को प्रत्याशी बनाया था। कृष्णा नंदी को 70,346 वोट मिले, लेकिन इसके बावजूद वे BNP के उम्मीदवार से चुनाव हार गए।