नई दिल्ली : एक तरफ जहां दुनिया की नजरें पिछले 15 दिनों से जारी ईरान-इजरायल युद्ध पर टिकी हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर कोरिया ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों से वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है।
उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागकर अपने पड़ोसी देशों और अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। इस मिसाइल लॉन्च के बाद दक्षिण कोरियाई सेना और जापान सरकार ने तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी कर स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
[Emergency alert]
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) March 14, 2026
North Korea has launched a suspected ballistic missile. More updates to follow.
पूर्वी सागर में गिरी मिसाइल और सैन्य अधिकारियों की पुष्टि
दक्षिण कोरिया के 'ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ' (JCS) के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पूर्व की दिशा में कम से कम एक 'अज्ञात वस्तु' दागी है, जिसके बैलिस्टिक मिसाइल होने की प्रबल संभावना है।
जापानी कोस्ट गार्ड ने भी इस संदिग्ध परीक्षण की पुष्टि की है और बताया कि दागी गई वस्तु पहले ही समुद्र में गिर चुकी है।
An object that may be a ballistic missile has been launched from North Korea. JMOD/JSDF will provide updates as soon as further information becomes available.
— Japan Ministry of Defense/Self-Defense Forces (@ModJapan_en) March 14, 2026
सैन्य अधिकारियों ने लॉन्च का पता लगते ही इसकी गति और दूरी का विश्लेषण शुरू कर दिया है ताकि उत्तर कोरिया की बढ़ती मारक क्षमता का सटीक अंदाजा लगाया जा सके।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास 'फ्रीडम शील्ड' का जवाब
जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह ताजा परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे वार्षिक वसंत सैन्य अभ्यास 'फ्रीडम शील्ड' का सीधा जवाब है।
किम जोंग उन का प्रशासन अक्सर इन साझा सैन्य अभ्यासों का विरोध करता है और इन्हें 'युद्ध की तैयारी' मानता है। ऐसे समय में जब अमेरिका का ध्यान ईरान के साथ संघर्ष में बंटा हुआ है, किम जोंग उन अपनी सैन्य शक्ति दिखाकर यह साबित करना चाहते हैं कि वे किसी भी मोर्चे पर दबाव में आने वाले नहीं हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
इससे पहले 27 जनवरी को भी उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। लगातार हो रहे इन परीक्षणों से न केवल कोरियाई प्रायद्वीप में अस्थिरता बढ़ रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। जापान ने इस घटना पर 'कड़ी नजर' बनाए रखी है और चेतावनी दी है कि किम जोंग उन के ये उकसावे वाले कदम क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा हैं।









