Israel Attack on Iran: मध्य पूर्व में तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिख रहा। इज़राइली वायुसेना ने ईरान पर किए गए अपने हवाई हमलों के पहले वीडियो जारी किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए इन वीडियो में मिसाइल लॉन्चर समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया। इज़राइल का दावा है कि पश्चिमी ईरान में सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया।
इज़राइल डिफेंस फोर्स ने बयान जारी कर कहा कि शनिवार को ईरान के सैन्य लक्ष्यों पर हमले जारी रहे। सेना के मुताबिक, पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर सहित सैकड़ों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। साथ ही, ईरान की ओर से इज़राइल की तरफ दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई भी चल रही।
जब तक जरूरी तब तक हमला: IDF
एक इज़राइली सुरक्षा सूत्र ने कहा कि ये हमले जितने समय तक ज़रूरी होगा जारी रहेंगे। यह कार्रवाई अमेरिका और इज़राइल द्वारा मिलकर ईरान के सैन्य और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के बाद शुरू हुई। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मकसद साफ है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर खतरा दोबारा न उभरे।
ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री को जड़ से खत्म करेंगे: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन का लक्ष्य, 'ईरान से पैदा हो रहे तत्काल खतरे को खत्म करना है।' ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री को जड़ से खत्म कर देगा और उसकी नौसेना को भी निशाना बनाएगा। हालांकि उन्होंने संभावित अमेरिकी हताहतों की आशंका भी जताई।
ट्रंप ने ईरानी बलों, खासकर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, को सरेंडर करने पर इम्युनिटी और विरोध करने पर निश्चित मौत की चेतावनी दी। उन्होंने ईरान की जनता से सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील भी की। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरानियों से तानाशाही की जंजीरें तोड़ने की बात कही।
इधर, इज़राइली सेना ने ईरान में सैन्य ठिकानों के आसपास रहने वालों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी है। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और कतर व यूएई स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही इज़राइल के भीतर सैन्य और सुरक्षा केंद्रों पर भी हमले का दावा किया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में यह घटनाक्रम तनाव को खतरनाक स्तर तक ले गया है। दोनों पक्ष पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे। आने वाले दिन मध्य पूर्व ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।