Middle East War: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिकी खेमे में कोहराम मचा दिया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि मौके पर मौजूद दो जवानों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिनका इलाज सैन्य अस्पताल में चल रहा है।
जंग में अब तक 300 से ज्यादा सैनिक जख्मी
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की रिपोर्ट ने डराने वाले आंकड़े पेश किए हैं। एक महीने से जारी इस भीषण संघर्ष में अब तक 300 से अधिक अमेरिकी सेवा सदस्य घायल हो चुके हैं। इनमें से 30 जवान अब भी गंभीर चोटों के कारण ड्यूटी पर नहीं लौट पाए हैं, जबकि 13 सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
एयरबेस पर अपनों को खोने का डर
प्रिंस सुल्तान एयरबेस अमेरिकी सैनिकों के लिए 'डेथ ट्रैप' साबित हो रहा है। हाल ही में 1 मार्च को हुए हमले में 26 वर्षीय सार्जेंट बेंजामिन एन. पेनिंगटन बुरी तरह जख्मी हुए थे, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया था। शुक्रवार के इस हमले ने एक बार फिर अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के उन दावों की पोल खोल दी है, जिसमें ईरान की सैन्य शक्ति को 'खत्म' बताया जा रहा था।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी सैनिकों की मुश्किलें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान को पूरी तरह बेअसर कर दिया गया है। लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट है। ईरान के पलटवार ने सीधे तौर पर अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। अधिकारी अब नाम न छापने की शर्त पर यह मान रहे हैं कि ईरान की मिसाइलें अभी भी सटीक निशाना साधने में सक्षम हैं।
सैनिकों के परिजनों में बढ़ी चिंता
इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों के परिवारों के बीच चिंता की लहर है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस तरह से अमेरिकी रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और बेस के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।










