Logo
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलमार्ग पर अपना नाम थोपते हुए इसे 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहा है और नोबेल शांति पुरस्कार की मांग करते हुए युद्ध की चेतावनी दी है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब और आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस रणनीतिक जलमार्ग को नया नाम देते हुए इसे 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' घोषित कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मच गई है।

इसके साथ ही, ट्रंप ने एक बार फिर अपनी चिर-परिचित शैली में वैश्विक समुदाय को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उनके 'शांति प्रयासों' के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा नहीं गया, तो वे ईरान के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं।

होर्मुज का नाम बदलने पर अड़े ट्रंप और ईरान को सीधी चुनौती 
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहाँ से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है, अब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का मुख्य केंद्र बन गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जलमार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करते हुए इसे अपना नाम दिया है, जो ईरान के लिए एक सीधी चुनौती माना जा रहा है।

ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहा है, इसलिए इस पर उनका नाम होना चाहिए। इस बयान के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वे अपनी समुद्री सीमाओं के नाम बदलने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

​नोबेल शांति पुरस्कार की मांग और वैश्विक तबाही की चेतावनी 
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया संबोधन में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर भी अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि वे मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और यदि इसके बदले उन्हें नोबेल प्राइज नहीं मिलता है, तो वे अपनी रणनीति बदल सकते हैं।

ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके 'शांति' के प्रस्ताव का मतलब कमजोरी नहीं है और अगर ईरान ने उनकी शर्तों को नहीं माना या दुनिया ने उनके प्रयासों को मान्यता नहीं दी, तो वे ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने में संकोच नहीं करेंगे। इस बयान को विशेषज्ञों द्वारा एक खुली धमकी के रूप में देखा जा रहा है।

​ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और 'क्यूब' रणनीति का जिक्र 
व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान को घेरने के लिए एक नई 'क्यूब' रणनीति पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के आर्थिक और सैन्य स्रोतों को पूरी तरह से ब्लॉक करना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए हर संभव दबाव बनाएंगे। 

​वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर मंडराता खतरा 
राष्ट्रपति ट्रंप के इस अड़ियल रुख और होर्मुज जलमार्ग के नामकरण विवाद ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने या वहां युद्ध छिड़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञ इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप के 'नोबेल पुरस्कार' वाले बयान ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है।

फिलहाल, पूरी दुनिया इस बात को लेकर आशंकित है कि क्या ट्रंप का यह अहंकार और ईरान की जिद मिडिल ईस्ट को एक विनाशकारी महायुद्ध की ओर धकेल देगी।

7