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भारत ने US के नेतृत्व वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल होकर सेमीकंडक्टर और AI क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। जानिए इस साझेदारी का वैश्विक टेक और चिप बाजार पर क्या असर होगा।

India Joins Pax Silica: भारत ने शुक्रवार, 20 फरवरी को आधिकारिक रूप से 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) में शामिल होकर अपनी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। यह पहल संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में चल रही है, जिसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मजबूत साझेदारी बनाना है।

क्या है Pax Silica, कैसे हुई शुरुआत?
पैक्स सिलिका (Pax Silica) अमेरिका के नेतृत्व में बना दुनिया का एक शक्तिशाली 'तकनीकी गठबंधन' है। इस गठबंधन की शुरुआत दिसंबर 2025 में वाशिंगटन में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति यानी सेमीकंडक्टर चिप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक सप्लाई चेन पर अपना नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यह गठबंधन डेटा और सिलिकॉन को 21वीं सदी का नया 'तेल और लोहा' मानता है, जिसके जरिए एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है जो चीन जैसे देशों की तकनीकी निर्भरता और भू-राजनीतिक दबाव से पूरी तरह मुक्त हो।

कौन-कौन से देश शामलि हैं?
वर्तमान में इस गठबंधन में ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और ग्रीस जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। भारत के जुड़ने से यह समूह और भी मजबूत हुआ है। इन देशों का साझा लक्ष्य तकनीक की पूरी 'वैल्यू चेन' को सुरक्षित करना है। इसमें हार्डवेयर के लिए आवश्यक कच्चे माल (Raw Materials) से लेकर आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के परिष्कृत सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर तक सब कुछ शामिल है।

21वीं सदी में सिलिकॉन और डेटा की ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की अर्थव्यवस्था में डेटा और सिलिकॉन उतने ही अहम हैं जितने पहले तेल और स्टील हुआ करते थे। सेमीकंडक्टर, लिथियम और कोबाल्ट जैसे संसाधन आधुनिक तकनीक की रीढ़ बन चुके हैं, और Pax Silica इनकी सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगा।

AI को लेकर बड़ा फोकस
इस पहल का केंद्र Artificial Intelligence है, जिसे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण ताकत माना जा रहा है। AI के तेजी से विस्तार के चलते बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और चिप निर्माण की जरूरत बढ़ रही है। इस गठबंधन के जरिए सदस्य देश इन चुनौतियों से मिलकर निपटने की कोशिश करेंगे।

आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
Pax Silica का एक बड़ा लक्ष्य यह भी है कि सदस्य देश किसी एक देश पर निर्भर न रहें। इस साझेदारी के माध्यम से सुरक्षित और भरोसेमंद टेक नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और तकनीकी सुरक्षा भी बढ़ेगी।

भारत के लिए क्या मायने?
इस गठबंधन में शामिल होकर भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह वैश्विक टेक और चिप बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। यह कदम आने वाले समय में देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग और AI सेक्टर को नई दिशा दे सकता है।

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