नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के आठवें दिन शनिवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में आए भूकंप ने नई बहस को जन्म दे दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के तेज झटकों के महसूस होते ही बंदरगाह शहर के निवासियों में भारी घबराहट फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
युद्ध के बीच भूकंप या संभावित परमाणु परीक्षण?
युद्ध जैसे तनावपूर्ण माहौल में आए इन झटकों को लेकर विशेषज्ञों ने संदेह जताना शुरू कर दिया है। बीते चार दिनों में यह दूसरी बार है जब ईरान में तेज झटके महसूस किए गए हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह एक प्राकृतिक भूकंप हो सकता है, लेकिन मौजूदा सैन्य हालात और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव को देखते हुए इसे ईरान के 'संभावित परमाणु परीक्षण' से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
वैज्ञानिक आंकड़े और IAEA की गोपनीय रिपोर्ट
आमतौर पर यह माना जाता है कि यदि भूमिगत परमाणु परीक्षण किया जाता है, तो उससे पैदा होने वाले झटकों की तीव्रता 4.5 या उससे अधिक हो सकती है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़े इस बात की पुष्टि नहीं करते कि ये झटके किसी न्यूक्लियर टेस्ट के कारण आए हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की फरवरी 2026 की एक गोपनीय रिपोर्ट में बताया गया था कि हालिया सैन्य तनाव से पहले ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद था, जिसे 60 प्रतिशत तक समृद्ध (एनरिच्ड) किया गया था।
परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर उठते सवाल
IAEA के आकलन के अनुसार, हथियार बनाने के लिए यूरेनियम की शुद्धता 90 प्रतिशत होनी चाहिए, और ईरान का मौजूदा स्टॉक इस स्तर के काफी करीब माना जाता है। एजेंसी का मानना है कि अगर इस स्टॉक को और अधिक समृद्ध किया जाए, तो इससे लगभग दस परमाणु हथियार तैयार किए जा सकते हैं। ईरान खुद भी कई बार यह दावा कर चुका है कि वह बहुत कम समय में परमाणु बम बनाने की क्षमता रखता है।
रणनीतिक केंद्र बंदर अब्बास में सुरक्षा का जायजा
बंदर अब्बास शहर ईरान का एक प्रमुख रणनीतिक बंदरगाह है, जहाँ से तेल और गैस का बड़ा निर्यात होता है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन सुरक्षा उपायों और बुनियादी ढांचे की बारीकी से जांच कर रहा है। युद्ध के माहौल में बंदरगाह शहर में आई यह प्राकृतिक आपदा रसद और सैन्य गतिविधियों पर भी असर डाल सकती है।
जंग के मैदान में ईरान का पलटवार
भूकंप की चर्चाओं के बीच युद्ध के मैदान से भी बड़ी खबरें आ रही हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 'THAAD' को नष्ट कर दिया है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है और तेहरान पर आज की रात भारी पड़ने वाली है।