लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज से प्रदेशव्यापी गेहूं खरीद अभियान 2026 की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इस वर्ष सरकार ने किसानों के हित में बड़े फैसले लेते हुए खरीद के लक्ष्य को 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर सीधे 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
यह अभियान 15 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रदेश भर में कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिनमें से 3574 केंद्र पूरी तरह तैयार हैं।
प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य का कोई भी पात्र किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे। अब तक 2.24 लाख से अधिक किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जो इस अभियान के प्रति किसानों के उत्साह को दर्शाता है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी और भुगतान की व्यवस्था
इस वर्ष किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर फल देने के लिए सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्तमान सत्र के लिए गेहूं का भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी उपज का दाम मिलने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। इसी कड़ी में, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए भुगतान की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया है।
गेहूं खरीद के महज 48 घंटों के भीतर भुगतान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' के माध्यम से भेज दी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी फसल का उचित लाभ समय पर मिलेगा।
क्रय केंद्रों पर सुविधाएं और संचालन का समयकिसानों की सुविधा के लिए सभी सरकारी क्रय केंद्रों के संचालन का समय सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक तय किया गया है। भीषण गर्मी और मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश दिए हैं कि केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आठ अलग-अलग सरकारी एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं। इन केंद्रों पर गेहूं की छनाई और तौल के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि गुणवत्ता और मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे केंद्रों का औचक निरीक्षण करें और किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पंजीकरण प्रक्रिया और किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी किसान अपनी फसल नहीं बेच पाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in पर जाकर अपना विवरण दर्ज करा सकते हैं।
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भूमि से जुड़े दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। प्रशासन ने अपील की है कि किसान जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें ताकि वे अपनी सुविधानुसार समय लेकर क्रय केंद्रों पर पहुँच सकें।









