लखनऊ : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग ने राहत और आफत दोनों की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 19 मार्च से राज्य में एक नया विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके कारण अगले 4 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है। इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा।
गर्मी का 'प्रचंड' रूप: बांदा में पारा 39.8°C रिकॉर्ड
बारिश के अलर्ट से पहले प्रदेश के कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में बांदा सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 39.8°C दर्ज किया गया। इसके बाद वाराणसी 37.6°C और प्रयागराज 37.5°C के साथ तीसरे नंबर पर रहा।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक, बारिश और आंधी के इस दौर से अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को झुलसाती गर्मी से कुछ दिनों के लिए राहत मिल सकती है।
क्यों समय से पहले तप रहा है मार्च?
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। पहले मार्च के आखिरी हफ्ते में तापमान 40 डिग्री तक पहुँचता था, लेकिन अब मार्च के दूसरे हफ्ते में ही पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
लू की स्थिति तब मानी जाती है जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला जाए या सामान्य से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज हो। इस साल लू का दौर लंबे समय तक चलने की आशंका जताई गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता: खड़ी फसलों को हो सकता है नुकसान
एक तरफ जहाँ आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, तो गेहूं की तैयार खड़ी फसल गिर सकती है।
इससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रशासन ने किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है।