उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद प्रक्रिया में किसानों को हो रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहतकारी निर्णय लिया है। अब प्रदेश का कोई भी किसान बिना 'फार्मर रजिस्ट्री' के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी गेहूं की फसल बेच सकेगा।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नियम लागू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
दरअसल, केंद्र और राज्य सरकार किसानों के डेटा को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' तैयार कर रही है।
उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को एक विशिष्ट पहचान देना है, जिससे सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से असली किसान तक पहुँच सके।
प्रक्रिया: इसमें किसान की जमीन का विवरण, बोई गई फसल और उनके बैंक खाते की जानकारी को आधार से जोड़कर एक डिजिटल प्रोफाइल बनाई जाती है।
राहत क्यों मिली? गेहूं खरीद के मौजूदा सीजन में कई किसान तकनीकी कारणों या रजिस्ट्रेशन न हो पाने की वजह से अपनी फसल बेचने में असमर्थ थे। किसानों की इसी समस्या को देखते हुए सीएम योगी ने रजिस्ट्री की अनिवार्यता को फिलहाल हटा दिया है, ताकि खरीद की रफ्तार तेज हो सके।
क्रय केंद्रों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद अब सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल के लिए केवल पुराने नियमों के आधार पर ही प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी किसान को पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी या रजिस्ट्री न होने के बहाने वापस न लौटाया जाए।
सरकार का लक्ष्य है कि गेहूं की आवक बढ़ने के साथ ही भुगतान भी तय समय सीमा के भीतर किसानों के खातों में पहुँच जाए।
बिचौलिए होंगे बाहर, किसानों को मिलेगा पूरा लाभ
हालांकि 'फार्मर रजिस्ट्री' की शर्त हटाई गई है, लेकिन शासन ने सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं ताकि बिचौलिए इसका फायदा न उठा सकें। सत्यापन की प्रक्रिया को सरल लेकिन प्रभावी बनाया गया है।
सीएम योगी के इस कदम को रबी सीजन में किसानों की आर्थिक मजबूती और अनाज भंडारण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।