गुरुग्राम से पिता और दो बेटों को अगवा कर भाग रहे 3 किडनैपर्स की बरेली में सड़क हादसे में मौत हो गई। बोलेरो के परखच्चे उड़ने के बावजूद अपहृत परिवार सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

बरेली: बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक तेज रफ्तार बोलेरो कार आगे चल रहे ट्रक टैंकर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नई बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो नजारा देखकर दंग रह गई। गाड़ी में तीन युवकों की लाशें फंसी थीं, जबकि एक युवक और दो मासूम बच्चे बेहोशी की हालत में मिले।

पुलिस को पहले यह सामान्य हादसा लगा, लेकिन घायलों की संदिग्ध गतिविधियों और पूछताछ के बाद जो राज खुला, उसने सबके होश उड़ा दिए।

​गुरुग्राम से शुरू हुई थी अपहरण की दास्तां 
जांच में पता चला कि 4 अप्रैल को गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 इलाके से ऑटो चालक मनोज और उनके दो बेटों, 6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य का अपहरण किया गया था। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि अपहरण के बाद बदमाशों ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस को खबर दी, तो लाशें मिलेंगी।

बदमाश इन तीनों को बोलेरो से कहीं शिफ्ट करने ले जा रहे थे, तभी बरेली-रामपुर हाईवे पर गाड़ी अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई।

​प्रेम प्रसंग बना वारदात की मुख्य वजह 
एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में हुई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुख्य मृतक आरोपी मनमोहन, जो फरीदपुर निवासी नत्थू का बेटा था, उसका मनोज की भांजी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। मनमोहन उससे शादी करना चाहता था, लेकिन मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था।

इसी रंजिश के चलते मनमोहन ने अपने साथियों सिकंदर और विशेष के साथ मिलकर अपहरण की इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मनमोहन के घर से मनोज को भी सकुशल बरामद कर लिया है।

​बदमाशों का अंत, मासूमों को मिला नया जीवन

इस भीषण हादसे में आरोपी मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस नामक एक अन्य आरोपी घायल है। पुलिस की मुस्तैदी और इस अचानक हुए हादसे ने बदमाशों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

मनोज और उनके दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध वीडियो और साक्ष्य बरामद किए हैं।