उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव यदुनंदन लाल वर्मा द्वारा भगवान श्री राम और उनकी माता को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक माहौल गरमा दिया है।
एक सार्वजनिक सभा के दौरान दिए गए इस विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चहुंओर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने यदुनंदन लाल वर्मा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में विद्वेष फैलाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
#WATCH उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी नेता यदुनंदन लाल वर्मा की गिरफ्तारी पर हरपालपुर सर्किल ऑफिसर सत्येंद्र सिंह ने कहा, "...अपने भाषण के दौरान, उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया… pic.twitter.com/hMswYpDPqR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 27, 2026
हरदोई में सपा नेता यदुनंदन का विवादित बयान, मर्यादा की हदें पार।
— Roshan Kumar Journalist (@cameraman_r) March 27, 2026
भगवान श्रीराम की माता पर अश्लील टिप्पणी से बढ़ा विवाद।
बयान के बाद सोशल मीडिया पर तेज हुआ विरोध।
कई जगह सपा नेता के खिलाफ FIR की मांग।
राजधानी लखनऊ में भी उठा विरोध का मामला।
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने जताया कड़ा… pic.twitter.com/BonRPSvsaV
वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए आरोपी नेता की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
भगवान राम और हनुमान चालीसा पर विवादित टिप्पणी
यदुनंदन लाल वर्मा ने एक सभा को संबोधित करते हुए वाल्मीकि रामायण का संदर्भ देकर भगवान श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उनकी माता के बारे में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया।
इतना ही नहीं, उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का उपहास उड़ाते हुए इसे 'बेवकूफ बनाने का तरीका' करार दिया। सपा नेता ने भीड़ को उकसाते हुए कहा कि जब तक राजनीतिक ताकत हाथ में नहीं होगी, तब तक हनुमान चालीसा पढ़ने से कोई दुख खत्म नहीं होगा।
भाजपा और महिला आयोग ने बोला जोरदार हमला
इस मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी ओछी मानसिकता का जवाब जनता सही समय पर देगी। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने सपा नेता को 'घटिया और गंदा आदमी' बताते हुए उनके शब्दों की कड़ी निंदा की।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने इसे समाजवादी पार्टी की सनातन धर्म के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सपा के नेता खुद को इतना ही बड़ा विद्वान समझते हैं, तो वे इस्लाम या अन्य धर्मों पर ऐसी टिप्पणी करके दिखाएं, उन्हें तुरंत अपनी असलियत पता चल जाएगी।
#WATCH दिल्ली | SP नेता यदुनंदन लाल के भगवान राम के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। यह सनातन और हिंदुत्व के खिलाफ SP और अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टी टिप्पमी करती हैं ऐसा करके वो केवल मुस्लिमों वोटों… pic.twitter.com/pcFCzOmytx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 27, 2026
समाजवादी पार्टी ने की कार्रवाई और सदस्यता रद्द
विवाद के तूल पकड़ने और वीडियो के संज्ञान में आने के बाद समाजवादी पार्टी के भीतर भी नाराजगी देखी गई। हरदोई के सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने स्पष्ट किया कि पार्टी ऐसे अनर्गल बयानों का कतई समर्थन नहीं करती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर यदुनंदन लाल वर्मा की सक्रिय सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
कौन हैं विवादों में घिरे यदुनंदन लाल वर्मा?
यदुनंदन लाल वर्मा मूल रूप से एक किसान नेता रहे हैं और उन्होंने साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। इससे पहले वे बहुजन समाज पार्टी में भी रह चुके हैं और बिलग्राम-सांडी क्षेत्र से निर्दलीय विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
साल 2009 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर बिलग्राम विधानसभा का उपचुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें अब तक किसी भी चुनाव में जीत हासिल नहीं हुई है। यदुनंदन लाल एक रिटायर्ड शिक्षक भी हैं और वर्तमान में सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी में दावेदारी पेश कर रहे है।










