Jyoti Maurya Case Update: उत्तर प्रदेश की पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य का मामला पिछले 2 साल पहले पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। बेवफाई, भ्रष्टाचार और पारिवारिक कलह के गंभीर आरोपों के बीच यह मामला अदालत और सोशल मीडिया की सुर्खियों में छाया रहा।
लेकिन अब ज्योति और आलोक मौर्य ने अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर से 'पैच-अप' कर लिया है। दोनों ने भविष्य में एक साथ रहने और अपने परिवार को संवारने की सहमति जताई है।
बच्चों की खातिर और आपसी बातचीत से बनी बात
इस सुलह के पीछे सबसे बड़ी वजह उनके बच्चे और परिवार का भविष्य रही है। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई और सामाजिक बदनामी के बाद दोनों पक्षों के बुजुर्गों और शुभचिंतकों ने मध्यस्थता की। कई दौर की बातचीत के बाद ज्योति और आलोक इस नतीजे पर पहुंचे कि विवाद को आगे बढ़ाने से केवल नुकसान ही होगा।
ज्योति मौर्य ने आलोक के खिलाफ और आलोक ने ज्योति के खिलाफ लगाए गए कई आरोपों और शिकायतों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित रही थी यह 'जंग'
गौरतलब है कि आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी ज्योति पर आरोप लगाया था कि पीसीएस बनने के बाद उन्होंने उन्हें धोखा दिया और उनके संबंध किसी अन्य अधिकारी के साथ हैं। वहीं, ज्योति ने आलोक पर प्रताड़ना और झूठ बोलकर शादी करने के आरोप लगाए थे।
इस मामले ने समाज में 'पढ़ाओ-लिखाओ' वाली मानसिकता पर भी बहस छेड़ दी थी। अब इस पुनर्मिलन की खबर ने उन सभी आलोचकों और सोशल मीडिया ट्रोलर्स को जवाब दे दिया है जो इस रिश्ते के खत्म होने की भविष्यवाणी कर रहे थे।
आधिकारिक रूप से अभी इस समझौते के दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन पारिवारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि दोनों अब एक ही छत के नीचे रहने की तैयारी कर रहे हैं।
आलोक मौर्य ने भी मीडिया के सामने पूर्व में दिए गए अपने बयानों पर नरमी दिखाई है। यह पुनर्मिलन न केवल इस परिवार के लिए बल्कि उन लोगों के लिए भी एक मिसाल है जो वैवाहिक विवादों को केवल तलाक के जरिए हल करना चाहते हैं।