संभल: उत्तर प्रदेश का संभल जनपद न्यायपालिका में 'ट्रांसक्रिप्शन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) टूल्स का सफलतापूर्वक प्रयोग करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। चंदौसी स्थित जनपद न्यायालय में प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने इस आधुनिक तकनीक का औपचारिक उद्घाटन किया।

उद्घाटन के तुरंत बाद इसी तकनीक के माध्यम से संभल हिंसा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुकदमे की सुनवाई संपन्न हुई।

प्रशासनिक न्यायमूर्ति की मौजूदगी में हुई ऐतिहासिक शुरुआत

​संभल जनपद के प्रभारी प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल की गरिमामयी उपस्थिति में एआई टूल्स के जरिए पहली गवाही दर्ज की गई। इस अवसर पर उन्होंने गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने वाली इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे न्यायिक सुचिता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

संभल हिंसा मामले में एसआई की गवाही से हुई शुरुआत

​एआई तकनीक का पहला लाइव प्रयोग संभल हिंसा मे मुकदमा अपराध संख्या 340/24, सरकार बनाम मुल्ला अफरोज की सुनवाई के दौरान हुआ।

24 नवंबर 2023 को शाही जामा मस्जिद विवाद के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए उपनिरीक्षक राजीव कुमार ने अदालत में अपनी गवाही दी।

एआई टूल ने उनके द्वारा बोले गए हर शब्द को रीयल-टाइम में सटीक रूप से दर्ज किया। इस दौरान अभियुक्त मुल्ला अफरोज और गुलाम के अधिवक्ताओं ने अपनी बहस भी पेश की।

एआई टूल्स के फायदे: छेड़छाड़ का डर, समय की बर्बादी

​जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि इस तकनीक के आने से न्यायालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

तत्काल रिकॉर्डिंग: गवाह जो भी बोलता है, एआई उसे तुरंत रिकॉर्ड करता है और साथ ही प्रिंट आउट तैयार हो जाता है।

पारदर्शिता और सुरक्षा: अभी तक पेशकार हाथों से बयान लिखते थे, जिसमें बदलाव की गुंजाइश या मानवीय त्रुटि की संभावना रहती थी। एआई द्वारा दर्ज बयानों में छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है।

समय की बचत: बयान लिखने में लगने वाला लंबा समय अब बचेगा, जिससे मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी।

​यह ऐतिहासिक सुनवाई उस हिंसा से जुड़े मामले में हुई जो पिछले साल संभल में सर्वे के दौरान भड़की थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

एसआई राजीव कुमार, जिनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ था, इस केस के महत्वपूर्ण गवाह हैं और उनकी गवाही इस नई तकनीक के माध्यम से सातवीं गवाही के रूप में दर्ज की गई।