पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने लखनऊ मंडल के कार्यों की समीक्षा की और लखनऊ जंक्शन के 100 साल पूरे होने पर एक कॉफी टेबल बुक जारी की।

लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने सोमवार को लखनऊ मंडल का विस्तृत निरीक्षण किया और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित अत्याधुनिक मंडल नियंत्रक कक्ष की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में लखनऊ जंक्शन के गौरवशाली 100 वर्षों के इतिहास पर आधारित विशेष कॉफी टेबल बुक ‘ECHOES OF A CENTURY – LUCKNOW JUNCTION’ और ‘संरक्षा पत्रिका’ के प्रथम संस्करण का विमोचन किया।

‘ECHOES OF A CENTURY– LUCKNOW JUNCTION’ का विमोचन

इस पुस्तक के माध्यम से रेलवे के प्रारंभिक दौर से लेकर वर्तमान तक की तकनीकी और ढांचागत विकास यात्रा को दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।

​समीक्षा बैठक में संरक्षा और यात्री सुविधाओं पर विशेष मंथन

​मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से मंडल में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं के विस्तार और परिचालन व्यवस्था की जानकारी साझा की।

समीक्षा बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रेलवे की आय बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ संरक्षा को हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने रेल पटरियों के समयबद्ध अनुरक्षण, सिग्नल प्रणाली के आधुनिकीकरण और विद्युत संबंधी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा का अनुभव मिल सके।

महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने की समीक्षा बैठक।

​महिला कर्मचारियों से संवाद और कर्मचारी संगठनों से भेंट

​निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने न केवल तकनीकी प्रणालियों का अवलोकन किया, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए मंडल नियंत्रक कक्ष में तैनात महिला रेल कर्मचारियों से सीधा संवाद किया।

उदय बोरवणकर ने महिला कर्मचारियों के साथ भी संवाद किया।

उन्होंने उनके कार्यस्थल से जुड़े अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना ताकि कामकाजी वातावरण को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने एन.ई. रेलवे मैंस कांग्रेस, एससी/एसटी और ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं व कर्मचारी कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

​पारदर्शिता और भविष्य के लक्ष्यों पर महाप्रबंधक का जोर

​रेलवे की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उदय बोरवणकर ने पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे का भविष्य नवाचार, साहस और जनसेवा की अटूट परंपरा पर टिका है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों का कुशल प्रबंधन अनिवार्य है।

निरीक्षण के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ मंडल संरक्षा, समयपालन और यात्री संतुष्टि के मानकों पर निरंतर उत्कृष्टता हासिल करता रहेगा।

महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण भी किया।