मेरठ: मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर शनिवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने सुनने वालों की रूह कंपा दी। परिवार की सबसे बुजुर्ग 100 वर्षीय दादी की मृत्यु के बाद पूरा कुनबा उन्हें अंतिम विदाई देने और गंगा किनारे दाह संस्कार करने पहुंचा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद परिवार के युवक गंगा में स्नान करने के लिए उतरे थे। इसी दौरान अचानक एक युवक गहरे पानी में जाने लगा और उसे बचाने के चक्कर में बाकी तीन भाई भी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़े, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण चारों देखते ही देखते लहरों में विलीन हो गए।
घाट पर मौजूद अन्य लोगों और परिजनों ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता, चारों युवक आंखों से ओझल हो चुके थे।
हादसे के बाद घाट पर मौजूद महिलाओं और परिजनों का विलाप देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। परिवार की बुजुर्ग महिलाएं बदहवास होकर गंगा मैया से अपने बच्चों को लौटाने की गुहार लगा रही थीं। दादी की विदाई तो उम्र के साथ तय थी, लेकिन इन जवान पोतों का जाना किसी वज्रपात से कम नहीं है।
पुलिस और प्रशासन को सूचना मिलते ही पीएसी के गोताखोर और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद तीन युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए तीन शवों की शिनाख्त हो चुकी है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चौथे युवक की तलाश के लिए जाल डाला गया है और गोताखोरों की कई टीमें जुटी हुई हैं।










