लखनऊ: लखनऊ के मानकनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विशाल (24) नाम के एक छात्र ने बुधवार दोपहर अपने घर की दूसरी मंजिल पर रोशनदान के सहारे गमछे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना का पता तब चला जब उसकी दादी पूनम मकान की दूसरी मंजिल पर गईं और विशाल को लटका हुआ देखा। विशाल ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकालता था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह काफी तनाव में था।
ऑनलाइन गेमिंग और 30 हजार का कर्ज
विशाल के पिता दिनेश सिंह ने बताया कि उनका बेटा ऑनलाइन गेम खेलने का शौकीन था। इसी लत के चलते वह कर्ज के दलदल में फंस गया था। जानकारी के मुताबिक, विशाल ने अपने इलाके के ही एक दोस्त से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। विशाल के दोस्तों का आरोप है कि उधार देने वाला युवक उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था और पैसे वापस न करने पर दबाव बना रहा था।
इसी मानसिक प्रताड़ना और कर्ज के बोझ तले दबकर विशाल ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मौके से विशाल का मोबाइल कब्जे में ले लिया है, ताकि गेमिंग और प्रताड़ना के सुराग मिल सकें।
क्रिकेट का शौकीन और अंडर-16 का ट्रायल
विशाल एक बेहतरीन खिलाड़ी था। उसके पिता के अनुसार, वह लेफ्ट आर्म बॉलर था और अंडर-16 क्रिकेट के लिए ट्रायल भी दे चुका था। वह अंतिम चरण तक पहुँचा था, लेकिन सफलता न मिलने और कोरोना काल के बाद उसका मन क्रिकेट से हटने लगा। खेल का मैदान छूटने के बाद उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई, जो अंततः उसकी मौत का कारण बनी। विशाल के परिवार में एक भाई और एक बहन हैं, जिनका अपने भाई को खोने के बाद बुरा हाल है।
सावधानी ही बचाव: मोबाइल फ्री जोन बनाने की अपील
इस घटना के बाद जेसीपी (L&O) बबलू कुमार ने अभिभावकों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। घर में 'मोबाइल फ्री जोन' बनाएं और बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के साथ पिता नहीं, बल्कि एक दोस्त बनकर बात करें ताकि वे अपने तनाव और समस्याओं को साझा कर सकें। लखनऊ में इससे पहले भी ऑनलाइन गेमिंग के कारण कई छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं।