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​कानपुर के बिधनू में एक मानसिक रूप से बीमार पिता ने तांत्रिक सिद्धि के लिए अपनी 7 साल की बेटी की बलि देने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने मासूम की चीख सुनकर उसे बचाया और आरोपी को पुलिस के हवाले किया।

कानपुर: कानपुर के बिधनू कस्बे की नई बस्ती में एक ऐसी घटना घटी जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। औंधा निवासी राहुल सैनी के निर्माणाधीन मकान में उनके बड़े भाई सौरभ ने अंधविश्वास की सारी हदें पार कर दीं।

आरोपी सौरभ शनिवार दोपहर को स्त्री की वेशभूषा धारण कर अपनी 7 वर्षीय बेटी वैष्णवी को लेकर रामगंगा नहर किनारे स्थित निर्माणाधीन मकान में पहुंचा। वहां उसने तांत्रिक पूजन का सामान सजाया और तंत्र-मंत्र की क्रियाएं शुरू कर दीं।

सौरभ तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए अपनी बेटी की बलि देने की तैयारी में था। जैसे ही उसने बच्ची को बलि की वेदी पर चढ़ाने का प्रयास किया, मासूम वैष्णवी डर के मारे जोर-जोर से चीखने लगी। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और जो नजारा देखा उससे उनके होश उड़ गए।

स्थानीय लोगों ने देखा कि सौरभ तांत्रिक क्रियाओं के बीच अपनी बेटी के साथ हैवानियत करने वाला है। लोगों ने तुरंत बच्ची को सौरभ के चंगुल से छुड़ाया और आरोपी पिता की जमकर धुनाई कर दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी सौरभ को हिरासत में ले लिया और बच्ची को उसके चाचा राहुल और चाची को सुपुर्द कर दिया। पुलिस को मौके से तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ से जुड़ा संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ है।

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। आरोपी सौरभ के भाई राहुल ने बताया कि उनके पिता भी किन्नर की वेशभूषा में रहते थे और उनकी मृत्यु के बाद से सौरभ की मानसिक स्थिति खराब रहने लगी।

सौरभ का दावा है कि उसके अंदर उसके मृतक 'किन्नर पिता' की आत्मा घुस जाती है और वह उसी के इशारे पर ऐसी हरकतें करता है। दो दिन पहले ही राहुल ने घर निर्माण के लिए सौरभ को 80 हजार रुपये दिए थे, जिनसे वह सामान लाने के बजाय झूला, साड़ियां और श्रृंगार का सामान खरीद लाया।

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