मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित प्रसिद्ध शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मार्केट को अवैध घोषित किए जाने के बाद आवास विकास परिषद ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
इस आदेश के विरोध में व्यापारियों और किसान मजदूर संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद ध्वस्तीकरण की तैयारी
शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद आवास विकास परिषद ने उन 1470 दुकानों को चिन्हित किया है जो आवासीय प्लॉटों पर संचालित हो रही हैं। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने इन दुकानों को खाली करने के लिए नोटिस चस्पा कर दिए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 31 परिसरों पर तत्काल ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी हुई है और प्रशासन ने 729 दुकानदारों को तीन दिनों के भीतर खुद ही अपना अवैध निर्माण हटाने की अंतिम चेतावनी दी है।
व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन और पुलिस से तीखी झड़प
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने किसान मजदूर संगठनों के साथ मिलकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान माहौल तब गरमा गया जब सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और किसान कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई।
रोजी-रोटी पर मंडराता संकट और स्थायी समाधान की मांग
हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट को देखते हुए व्यापारियों का कहना है कि वे सालों से यहां अपना रोजगार चला रहे हैं और अचानक दुकानें हटने से उनका भविष्य अंधकार में डूब जाएगा। ध्वस्तीकरण के डर से कुछ दुकानदारों ने स्वयं ही अपना अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया है, ताकि और अधिक नुकसान से बचा जा सके।
व्यापारियों की सरकार से मुख्य मांग यह है कि प्रशासन उनसे वार्ता कर कोई ऐसा स्थायी समाधान निकाले जिससे उनके रोजगार को बचाया जा सके।