राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के मुताबिक, बुधवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 2 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके कारण प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसका असर अप्रैल के शुरुआती दिनों तक देखने को मिल सकता है।
10 से ज्यादा जिलों में बदला मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत कई जिलों में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली।
सुबह जहां आसमान साफ था, वहीं दोपहर होते-होते बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। खासकर हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
तापमान का हाल
मंगलवार को कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान क्रमशः 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। हालांकि बादलों और बारिश के चलते तापमान में गिरावट की संभावना है।
20 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर और डीडवाना-कुचामन जैसे इलाकों में रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
किसानों के लिए सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को देखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम अस्थिर बना रह सकता है।