राजस्थान विधानसभा में सोमवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। इनमें सबसे अहम राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2026 है, जिस पर सदन में बहस के बाद पारित किया जा सकता है।

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। इनमें सबसे अहम राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2026 है, जिस पर सदन में बहस के बाद पारित किया जा सकता है। इस विधेयक को प्रभारी मंत्री मदन दिलावर सदन में चर्चा के लिए पेश करेंगे। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो पंचायत चुनाव से जुड़ा एक बड़ा नियम बदल सकता है।

खत्म हो सकती है दो बच्चों की अनिवार्यता
प्रस्तावित संशोधन के तहत पंचायत चुनाव लड़ने के लिए लागू दो बच्चों की अनिवार्यता को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। अभी तक पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए यह नियम लागू था कि उसके दो से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।

सरकार इस नियम में बदलाव कर वर्ष 1994 के प्रावधानों में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव से भविष्य में पंचायत चुनाव लड़ने के नियमों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

आयुष विश्वविद्यालय से जुड़ा विधेयक भी होगा पेश
विधानसभा में आज एक और महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाएगा। प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा राजस्थान आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय, अजमेर विधेयक-2026 सदन में प्रस्तुत करेंगे। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य आयुष क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास को मजबूत करना है।

सरकार का मानना है कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े कॉलेजों की पढ़ाई और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को मिलेगा बल
यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आयुष नीति और राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीति के लक्ष्यों को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही आयुष से जुड़े संस्थानों को एक मजबूत अकादमिक ढांचा मिलेगा।

शून्यकाल में उठेंगे कई जनहित के मुद्दे
विधानसभा के शून्यकाल के दौरान विधायक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कई जनहित के मुद्दे भी उठाएंगे। इनमें जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकियों को शुरू कराने का मामला प्रमुख रहेगा।

इसके अलावा मक्का और बाजरा उत्पादक क्षेत्रों में बीज निगम की ओर से किसानों को निःशुल्क बीज वितरण नहीं होने से हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

सदन में हो सकती है तीखी बहस
इन महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विधानसभा में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। खासतौर पर पंचायत चुनाव से जुड़ी दो बच्चों की शर्त खत्म करने के प्रस्ताव पर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है।