अब होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को धीरे-धीरे एलपीजी (LPG) सिलेंडर से हटाकर पीएनजी (PNG) कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य साफ है. कॉमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ते दबाव को कम करना और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना।

सरकार अब गैस सप्लाई सिस्टम को बेहतर और संतुलित बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। पहले जहां कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई गई थी, वहीं स्थिति सामान्य होते ही इसे दोबारा शुरू कर दिया गया था। लेकिन अब एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जो होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए काफी अहम साबित होगी।

दरअसल, अब होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को धीरे-धीरे एलपीजी (LPG) सिलेंडर से हटाकर पीएनजी (PNG) कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य साफ है. कॉमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ते दबाव को कम करना और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना।

कितने व्यवसाय होंगे प्रभावित?
भरतपुर शहर की बात करें तो यहां करीब 350 होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट अभी कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूरे जिले में यह संख्या लगभग 1000 के आसपास पहुंचती है।

हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इनमें से कई कनेक्शन फिलहाल निष्क्रिय हैं। इसके बावजूद रसद विभाग अब सख्त रुख अपनाते हुए सभी सक्रिय कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG में शिफ्ट करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
इस बदलाव के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत देना
  • कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी को दूर करना
  • शादी-ब्याह और आयोजनों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना
  • सुरक्षित और लगातार गैस सप्लाई देना

PNG गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे पहुंचती है, जिससे बार-बार सिलेंडर बदलने की झंझट भी खत्म हो जाएगी।

कौन करेगा PNG सप्लाई?
भरतपुर में PNG गैस सप्लाई की जिम्मेदारी गेल गैस कंपनी को दी गई है। कंपनी तेजी से नेटवर्क विस्तार कर रही है और नए कनेक्शन देने की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।

क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
इस फैसले का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा:

  • घरेलू गैस की उपलब्धता बढ़ेगी
  • गैस की किल्लत कम होगी
  • आयोजनों में आसानी से सिलेंडर मिल सकेंगे

सरकार का यह कदम गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG से जोड़ने की योजना है, जिससे पूरे सिस्टम पर संतुलन बनेगा।