उज्जैन में किसानों ने स्लॉट बुकिंग और पंजीयन सत्यापन की समस्याओं को लेकर उज्जैन-झालावाड़ हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण गर्मी में यात्री परेशान होते रहे।

उज्जैन। जिले में किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को बड़ा आंदोलन शुरु कर दिया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए और उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। जाम की वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम मं फंसे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। किसानों ने कहा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रदर्शन में आसपास के कई गांवों के हजारों किसानों  ने हिस्सा लिया। भीषण गर्मी के बीच सड़क पर फंसे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्लॉट बुकिंग-सत्यापन में अड़चन के किसान परेशान 
यह विरोध प्रदर्शन घट्टिया थाना क्षेत्र के निपानिया गोयल गांव के पास किया गया। किसानों का आरोप है कि फसल खरीदी से जुड़ी प्रक्रिया में उन्हें लगातार समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी और पंजीयन सत्यापन में आ रही अड़चनें उनकी मुख्य चिंता हैं। कई किसानों ने बताया कि उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, फिर भी काम नहीं हो पाता। इससे उनकी उपज की खरीदी प्रभावित हो रही है और आर्थिक नुकसान हो रहा है। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब 2 बजे तक चला, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।

अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी, की नारेबाजी 
प्रदर्शन के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी के खिलाफ किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। किसानों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। लेकिन काफी देर तक अधिकारी के नहीं पहुंचने से लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। किसानों ने नारे लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरे जिले में सड़क जाम किया जाएगा। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे।

बातचीत से हल निकालने का दिया आश्वासन 
किसानों का कहना है कि पंजीयन सत्यापन में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा नहीं हो पाया है। करीब 42 हजार सर्वे नंबर अब तक सत्यापित नहीं हो सके हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है। सैटेलाइट आधारित सिस्टम के कारण कई पंजीयन अमान्य हो गए हैं। छोटे किसानों को स्लॉट बुकिंग नहीं मिलने से उनकी उपज बेचने में दिक्कत हो रही है। किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। फिलहाल प्रशासन ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। किसान अभी भी मांगों पर अड़े हैं।