मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन अब खत्म हो गया है। भगीरथ नाम का बच्चा 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 22 घंटे तक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया लेकिन बोरवेल के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई। लोहे की छड़, रस्सी और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन से बचाव दल ने शव निकाला है।
एसपी ने बताया है कि, बच्चे के शव को बड़नगर के सरकारी अस्पताल में भेजा गया है। लापरवाही करने वाले लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 4 जिलों की रेस्क्यू टीम बच्चे को बोरवेल से निकालने का प्रयास कर रही थी। 22 घंटे के प्रयास के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
सभी कोशिश नाकाम
बच्चे के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। रेस्क्यू टीम ने मासूम के हाथों में रोप रिंग फंसाकर उसे निकालने की कोशिश की थी लेकिन ये कोशिश नाकाम रही। एक पैरलल सुरंग बनाकर बच्चे को बचाने की कोशिश की जा रही थी। इसके लिए मशीनों से गड्ढा भी खोदा जा रहा था।
खेलते हुए बोरवेल में गिरा था मासूम
उज्जैन से 75 किलोमीटर दूर, बड़नगर के पास झलारिया गांव में गुरुवार शाम करीब 7 बजे बच्चा खेलते हुए बोरवेल में गिर गया था। बच्चे के पिता और मां की पहचान प्रवीण देवासी और जत्तू बाई के रूप में हुई है। ये परिवार राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। ये लोग भेड़ चराने के लिए इस क्षेत्र में रुके थे। बच्चे ने खेलते हुए बोरवेल के ऊपर लगा ढक्कन हटाया और उसके अंदर गिर गया। उसकी मां ने उसे गिरते हुए देखा तो बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक मासूम गहराई में जा चुका था।
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