MP News भोपाल। राज्य सरकार ने 1991 बैच के आईएफएस अफसर शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ के पद पर पदस्थ करने को आदेश शनिवार को जारी कर दिया। उनका कार्यकाल एक मार्च 2026 से शुरू होगा। सेन इससे पहले पीसीसीएफ के पद पर पदस्थ थे। उनकी सेवानिवृत्ति अप्रैल 2028 में होगी। वे करीब दो साल तक इस पद पर रहेंगे।
अब तक इस पद थे विजय कुमार अंबाडे
इस समय पीसीसीएफ हॉफ के पद पर विजय कुमार अंबाड़े पदस्थ थे। विजय कुमार अंबाड़े का कार्यकाल फरवरी 2026 तक ही था। वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के पहले ही सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया गया। आईएफएस सेन मूल रूप से भुवनेश्वर उड़ीसा के रहने वाले हैं। वे वाइल्डलाइफ में पदस्थ थे।
दो अफसरों को सुपरसीड कर यहां पहुंचे
वन महकमे में काफी समय बाद कोई पीसीसीएफ हॉफ अपने से उपर के दो अफसरों को सुपरसीड कर इस कुर्सी तक पहुंचा है। आईएफएस में काफी समय से ग्रेडेशन लिस्ट केअनुसार हॉफ की कमान देने की परंपरा रही है। पहले चर्चा थी कि आईएफएस के ग्रेडेशन सूची में अंबाड़े से ठीक नीचे एचयू खान को पीसीसीएफ हॉफ की कमान दी जाएगी। उनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में है। वरिष्ठता क्रम में खान के ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अफसर विभाष कुमार ठाकुर का नाम है।
टूटा वरिष्ठता से नियुक्ति का सिलसिला
वन विभाग में काफी समय बाद वरिष्ठता क्रम से पीपीसीएफ हॉफ बनाने का सिलसिला टूटा है। इससे पहले आईएफएस की लॉबी इतनी मजबूत थी कि एक महीने तो छोड़िए एक दिन के लिए भी पीसीसीएफ हॉफ की कुसी मिल जाती थी। कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए हॉफ की कमान दी गई थी। उसमें भी आदेश उस दिन दोपहर में निकला और शाम को सेवानिवृत्त हो गए। किंतु इस बार आईएफएस सेन ने सभी को पछाड़ दिया।