रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में चर्चित दुष्कर्म मामले में बड़ा मोड़ आया है। लंबे समय से फरार चल रहे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी इमरान हुसैन ने आखिरकार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पर एक हिंदू महिला को झूठी पहचान बताकर संबंध बनाने और बाद में शादी से मुकरने का आरोप है। पुलिस अब रिमांड के दौरान पूछताछ कर पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश करेगी।
कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा
करीब ढाई महीने से फरार आरोपी गुरुवार को न्यायालय में पेश हुआ। उसके पास हाईकोर्ट का निर्देश भी था, जिसमें उसे सरेंडर करने को कहा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में दे दिया है, ताकि मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें।
फर्जी पहचान से बनाई नजदीकी
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने खुद को सोनू नाम से परिचित कराया था और इसी आधार पर उससे संपर्क बढ़ाया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो बाद में संबंधों में बदल गई। आरोप है कि युवक ने महिला पर उसके पति से अलग होने का दबाव बनाया और भविष्य में शादी का भरोसा दिलाया।
सच्चाई सामने आने के बाद पलटा आरोपी
महिला ने कहा कि कुछ समय साथ रहने के बाद उसे आरोपी की असली पहचान का पता चला। इसके बाद उसने शादी का वादा निभाने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और उसे पत्नी की तरह रखा।
गिरफ्तारी के लिए लोगों ने किया था प्रदर्शन
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद वह लंबे समय तक पकड़ से बाहर रहा। उसके खिलाफ पूर्व में मादक पदार्थ से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज स्थानीय संगठनों ने थाने का घेराव भी किया था। उन्होंने पुलिस को समय सीमा दी थी, जिसके बाद आरोपी ने सरेंडर कर दिया।









