भोपाल की किसान महा चौपाल में राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, चीन सीमा विवाद और महिला सुरक्षा पर केंद्र सरकार को घेरा। खड़गे भी रहे मौजूद।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित 'किसान महा चौपाल' एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम साबित हुआ, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। यह आयोजन मुख्य रूप से भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में किया गया था, जिसे कांग्रेस ने किसानों और देश के हितों के खिलाफ बताया। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे और उन्होंने भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। 

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब (जो अभी अप्रकाशित है, लेकिन संसद में चर्चा का विषय बनी) का हवाला दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने संसद में इस किताब पर चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र की परंपराओं के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन यह अवसर छीन लिया गया।

किताब के आधार पर राहुल गांधी ने 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद का जिक्र किया। उनके अनुसार, जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर स्पष्ट आदेश मांगे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। नरवणे ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी संपर्क किया, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। लगभग दो घंटे बाद जब नरवणे ने फिर रक्षा मंत्री से बात की, तो उन्हें प्रधानमंत्री से संपर्क करने को कहा गया। 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सीधे बात करने के बजाय संदेश भेजा-जो उचित समझो, वो करो।" इससे सेना को अकेला छोड़ दिया गया और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राहुल ने कहा कि युद्ध का फैसला राजनीतिक होता है, सैन्य नहीं, लेकिन उस समय सरकार ने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। इसके अलावा, राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने गोरखपुर में 22 फरवरी को हुई घटना का जिक्र भी किया

गोरखपुर की इस घटना में नागालैंड की एक महिला डॉक्टर (AIIMS गोरखपुर में कार्यरत) का तीन युवकों ने पीछा किया, अश्लील टिप्पणियां कीं, नस्लीय टिप्पणियां कीं और कथित रूप से छेड़छाड़ (बैड टच) की। डॉक्टर ने चीखने पर आरोपियों ने भाग गए। राहुल गांधी ने इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि यह घटना देश में महिलाओं, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों की महिलाओं की बढ़ती असुरक्षा और असहिष्णुता को उजागर करती है। ऐसी घटनाएं समाज में गहरी चिंता पैदा करती हैं और सरकार को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, "यूथ कांग्रेस के साथियों, आप 'बब्बर शेर' हो। आप किसी से नहीं डरोगे।उन्होंने उन्हें प्रेरित किया कि वे अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ें और देश के हितों की रक्षा करें।कुल मिलाकर, यह 'किसान महा चौपाल' न केवल व्यापार समझौते के विरोध का मंच बना, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र की रक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने का अवसर भी प्रदान किया। राहुल गांधी के भाषण ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।