भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निगम प्रशासन ने दूसरे चरण के लिए शहर में 40 हजार नए आवासों के निर्माण के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों से लगी नगर निगम की सीमा के भीतर निगम के अधिकारी जमीन देख रहे हैं। करीब 4000 करोड से ज्यादा के प्रोजेक्ट के लिए निगम प्रशासन ऐसी जगह चिन्हित करना चाहता है। जहां का वातावरण शांत, स्वच्छ और आवागमन की दष्टि से बेहतर हो और शहर से सीधी कनेक्टिविटी हो। गौरतलब है कि, योजना के तहत नगर निगम के हाउसिंग फॉर आल सेक्शन द्वारा वर्ष 2017 में शुरू किए गए प्रोजेक्ट अभी पूरे नहीं हुए हैं।
फिलहाल नगर निगम का हाउसिंग फॉर ऑल सेक्शन इस प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश में जुट गया है। इसके लिए निगम के अधिकारी शहर की सीमा से लगे ग्रामीण और विकसित होते क्षेत्रों का लगातार सर्वे कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में शुरू हुए पीएमएवाय के पहले चरण के कई प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे हैं। निगम प्रशासन का मानना है कि शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और आवास की मांग को देखते हुए इस योजना का विस्तार जरूरी है।
संभावित स्थानों का कर चुके हैं निरीक्षण
निगम के अधिकारी होशंगाबाद रोड, बावडिया कला, रातीबढ, कोलार, गांधी नगर क्षेत्र, संत नगर, रायसेन रोड से लगे ग्रामीण इलाकों से सटी नगर निगम की सीमा के भीतर संभावित स्थानों का निरीक्षण कर चुके हैं। कुछ क्षेत्रों को प्राथमिक तौर पर चिन्हित भी किया गया है। जल्द ही जमीन का अंतिम चयन कर परियोजना को औपचारिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने पर शहर के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सस्ते और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
जगह देखी जा रही है, जल्द ही चिन्हित करेंगे
नगर निगम में हाउसिंग फॉर आल के प्रभारी नगर यंत्री आरके गोयल का कहना है कि पीएमएवाय-2 के तहत शहर में भूमि की तलाश की जा रही है। यह काम जल्द शुरू होना है। इसलिए लगातार जगह देखने का काम हो रहा है। इसके बाद अन्य आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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