MP News: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक महिला ने अपनी 8 साल की बेटी को चलती ट्रेन के आगे धकेल दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, घायल बच्ची की पहचान युविका (उम्र -8 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अपनी मां, अंजू सिंह राजपूत के साथ स्टेशन आई थी। अंजू पिंक एवेन्यू, मलाखेड़ी में रहती है और कृषि विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत है।
लोगों ने बताया कि जब लोग बच्ची को बचाने के लिए दौड़े, तो महिला बार-बार उनसे पूछ रही थी कि उन्होंने उसे क्यों बचाया। GRP स्टेशन इंचार्ज के अनुसार, घटना से लगभग डेढ़ घंटे पहले से ही महिला बच्ची के साथ स्टेशन पर मौजूद थी। रात करीब 8:00 बजे, जब तमिलनाडु एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 1 से गुजर रही थी, तभी बच्ची को धकेल दिया गया।
वेंटिलेटर पर रखा
घटना के दौरान, बच्ची रेलवे ट्रैक और ट्रेन के बीच फंस गई। ट्रेन गुजर जाने के बाद, वहां मौजूद लोगों और RPF कर्मियों ने तुरंत बच्ची को ट्रैक से बाहर निकाला और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उसे ICU में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया। बुधवार सुबह, जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे भोपाल के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
मां के खिलाफ FIR
रेलवे पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि, बच्ची को उसकी मां ने ही धकेला था। आरोपी मां के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि, महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और पिछले लगभग डेढ़ साल से इस बीमारी का इलाज करवा रही है।
ICU के इंचार्ज डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के सिर, कमर और कंधे पर गहरी चोटें आई हैं। उसके शरीर से काफी खून बह चुका है और उसका ब्लड प्रेशर भी कम बना हुआ है। बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया है और उसकी हालत अभी भी गंभीर है।