भोपाल। प्रदेश में फरवरी के महीने में एक बार फिर मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली है। प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने के साथ-साथ दो टर्फ रेखाओं के प्रभाव से कई जिलों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियां बन रही हैं। यह इस महीने का चौथा अवसर है जब मौसम ने अचानक रुख बदला है।
प्रदेश में सोमवार से ही वर्षा और ओलावृष्टि का नया दौर शुरु हुआ है। मौसम विभाग ने आज मंलवार को विशेष रूप से बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जैसे जिलों में वर्षा की संभावना जताई है, जबकि भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने के आसार हैं।
सोमवार को भी कई स्थानों पर पानी-ओले
सोमवार को दिन की शुरुआत कई स्थानों पर तेज धूप के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद वातावरण में नमी बढ़ने लगी और बादल छा गए। जबलपुर, रीवा और सीधी सहित कई इलाकों में वर्षा दर्ज की गई। रात के समय भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों-जैसे सिंगरौली, मुरैना, ग्वालियर, धार, खरगोन और सागर-में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखी गई।
इससे यह स्पष्ट होता है कि मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है और उसका प्रभाव लगातार बना हुआ है। फरवरी के शुरुआती दिनों में भी दो बार ओलावृष्टि और वर्षा का दौर आ चुका है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था।
वर्षा ने सामान्य मौसमी चक्र प्रभावित किया
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी कराई गई थी। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार बारिश हुई और अब 23 फरवरी से चौथी बार प्रदेश के कई हिस्से भीग रहे हैं। इस तरह बार-बार हो रही वर्षा ने सामान्य मौसमी चक्र को प्रभावित किया है। तापमान की बात करें तो बारिश के कारण दिन का पारा नीचे आया है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस हो रही है।
हालांकि रात के समय तापमान में थोड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। पचमढ़ी, मंदसौर और राजगढ़ जैसे स्थानों पर न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि बड़े शहरों में भी रात का तापमान 12 डिग्री से अधिक ही रिकॉर्ड किया गया। कुल मिलाकर, यह मौसम परिवर्तन दर्शाता है कि फरवरी के अंत तक प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।









