मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन 10 मेगावाट बिजली समझौते, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में भर्ती गड़बड़ी और नई रेल परियोजनाओं को लेकर सदन में तीखी चर्चा। सत्ता और विपक्ष दोनों ने मांगे जवाब।

भोपाल। विधानसभा के बजट सत्र के 5वें दिन सदन में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा घटना सामने आते ही प्रशासन सक्रिय हो गया था। प्रभावित लोगों के उपचार की व्यवस्था की गई, पानी के सैंपल की जांच शुरू कराई गई और नई पाइपलाइन बिछाने का काम भी शुरू किया गया। सिंघार ने उन्हें घेरते हुए कहा कि यह संकट सरकार लापरवाही की वजह से पैदा हुआ है। 

भागीरथपुरा धारावी जैसी बस्ती, लोग अशिक्षित 
विजयवर्गीय ने कहा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। मंत्री ने बताया संबंधित क्षेत्र लगभग 90 वर्ष पुरानी बस्ती है, जहां घनी आबादी और अव्यवस्थित हालात के कारण काम करना चुनौतीपूर्ण है। उनके अनुसार, नगर निगम के कर्मचारियों को वहां काम करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थानीय नागरिकों ने पहले भी शिकायतें की थीं और कार्यवाही में देरी हुई। महापौर द्वारा टेंडर जारी किए जाने के बावजूद काम समय पर शुरू नहीं हो सका। 

सिंघार ने लापरवाही पर सरकार को घेरा
जांच के लिए बनाई गई समिति ने कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया, जिन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने इस घटना को इंदौर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर तब जब शहर स्वच्छता के मामले में अग्रणी रहा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में लापरवाही हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोगों को साफ पानी की जगह दूषित पानी मिल रहा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव पर आपत्ति जताई कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्ष ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग दोहराई।

विजयवर्गीय और शेखावत के बीच हास-परिहास  
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के 5वें दिन सदन का माहौल कुछ अलग तरह का नजर आया। सदन में जहां एक ओर गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर होली के त्योहार की आहट के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में नेताओं के बीच चुटकुले और तंज भी देखने को मिले। प्रश्नकाल के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि आज उनका अंदाज बदला-बदला सा लग रहा है और सदन का माहौल भी कुछ खास दिखाई दे रहा है। नेताओं के बीच हास-परिहास के बाद गभीर मुद्दों पर भी चर्चा हुई। 

शेखावत के तंज का दिया मजाकिया जवाब
शेखावत की इस बात पर कैलाश विजयवर्गीय ने भी मजाकिया शैली में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी के लिए कोई बुरा समय नहीं आने वाला है, क्योंकि होली का पर्व नजदीक है और यह खुशियां बांटने का समय है। उन्होंने संदेश दिया कि त्योहार आपसी संबंधों में मिठास और सकारात्मकता लाने का अवसर होता है। इस हंसी-मजाक में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए। उन्होंने इंदौर में होली के दौरान आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए चुटकी ली, जिस पर मंत्री और विधायक के बीच हल्का-फुल्का संवाद चला। 

हंसी-मजाक के बाद गंभीर विषयों पर चर्चा 
हालांकि, हंसी-मजाक के बाद चर्चा गंभीर विषयों की ओर मुड़ गई। प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय बिश्नोई ने भोपाल नगर निगम द्वारा किए गए बिजली समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि निगम ने 10 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी से दीर्घकालिक करार किया है, जिसके तहत लगभग 35 वर्षों तक निर्धारित दर पर बिजली मिलेगी। उनका कहना था कि इस प्रकार की व्यवस्था अन्य नगर निगमों के लिए भी लाभकारी हो सकती है। लेकिन छोटी नगर पालिकाएं और नगर परिषदें अपने स्तर पर ऐसी प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं होंगी। 

विश्नोई ने कहा सभी निगमों के लिए बने योजना
विश्नोई ने सुझाव दिया कि सभी नगरीय निकायों के लिए सामूहिक रूप से एक योजना बनाकर एक साथ टेंडर जारी किया जाए, जिससे उन्हें भी किफायती दर पर बिजली उपलब्ध हो सके। इसके अलावा सदन में बैराज निर्माण में कथित अनियमितता, बिजली व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, जबलपुर की फ्री होल्ड जमीन, किसानों की फसल को हुए नुकसान और विकास कार्यों की गुणवत्ता जैसे विषयों पर भी सवाल उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सत्र केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का मंच भी है।