भोपाल। मप्र विधानसभा के बजट सत्र का 7वें दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इस समय प्रश्नकाल चल रहा है। उससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मालवा क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में मनाए जाने वाले प्रसिद्ध भगौरिया उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री का कहना था कि यह लोकपर्व जनजातीय संस्कृति की पहचान है और सरकार इसे व्यापक मंच देना चाहती है।
बड़वानी, धार झाबुआ में कृषि कैबिनेट
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार बड़वानी, धार और झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिलों में कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित करने की योजना बना रही है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय लोगों की कृषि जागरूकता बढ़ेगी। इन बैठकों का आयोजन भगौरिया पर्व के आसपास रखी जाएगी, ताकि स्थानीय किसानों और जनजातीय समुदाय की समस्याओं पर सीधे संवाद हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि नीतियों को जमीनी स्तर पर उतारते हुए कृषि नवाचारों से सभी लोगों को अवगत कराना है।
ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठेंगे कई अहम मुद्दे
सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से कई स्थानीय मुद्दे भी उठाए जाने हैं। खरगोन जिले के भीकनगांव और झिरण्या क्षेत्रों में जमीन बंदोबस्त का कार्य लंबित होने से राजस्व संबंधी दिक्कतों का मामला चर्चा में आएगा। इस पर राजस्व विभाग जवाब देगा। इसके अलावा सिवनी और केवलारी विधानसभा क्षेत्रों में नहर निर्माण और सीमेंट लाइनिंग अधूरी रहने से किसानों को सिंचाई जल नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को लेकर भी प्रश्न उठेगा और जल संसाधन विभाग अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
विभागवार अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा
विधानसभा की कार्यसूची में विभागवार अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा भी शामिल है। नगरीय विकास और आवास से जुड़े विषयों पर पहले विचार किया जाएगा, क्योंकि पूर्व निर्धारित दिन इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। इसके बाद जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत, अनुसूचित जाति कल्याण, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, परिवहन, उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा जैसे विभागों की योजनाओं और बजट प्रस्तावों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपनी बात रखेंगे। यह चर्चा लगभग सात घंटे से अधिक समय तक चलने की संभावना है।
अब तक क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित रहा बजट सत्र
बजट सत्र के दौरान सामाजिक योजनाओं को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिली। लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की। इस पर सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण कुछ समय के लिए सदन का माहौल गर्म हो गया था। कानून-व्यवस्था और हालिया प्रदर्शनों को लेकर भी हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और राजनीतिक कार्यालयों पर हमलों का मुद्दा उठाया।