मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा आदेश—बसों में एंट्री-एग्जिट के अलग दरवाजे अनिवार्य। 45 दिन में नियम नहीं मानने पर परमिट रद्द होगा।

मध्यप्रदेश। MP हाई कोर्ट यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त है। अदालत ने रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया। इसके तहत 45 दिनों के अंदर सभी स्टेज कैरिज और टूरिस्ट बसों में अलग एंट्री और एग्जिट दरवाजे जरूरी हैं। अदालत का निर्देश MP मोटर व्हीकल रूल्स के रूल 164 के परिपालन में दिया गया है।

बिना सोचे समझे जारी किए परमिट
जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने सेफ्टी नियमों का सिस्टमैटिक तरीके से पालन न करने पर कड़ी टिप्पणी भी की है। उन्होंने कहा कि, "बहुत दुख की बात है कि कई AC बसों, और यहां तक कि नॉन-AC लग्जरी बसों और स्लीपर बसों में भी बाईं ओर दो दरवाजे और एक एक्स्ट्रा इमरजेंसी दरवाजा नहीं है। लग्जरी बसों में आग लगने के हादसों में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हो रहा है, यह तो जगजाहिर है। लापरवाही की हद यह है कि राज्य ने लगभग किसी भी गाड़ी में बाईं ओर दो गेट पक्का नहीं किए हैं और बिना सोचे-समझे परमिट जारी किए जा रहे हैं।"

रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज को जांच के निर्देश
बताया जा रहा है कि, अदालत ने संविधान के आर्टिकल 227 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज को यह जांच करने का निर्देश दिया जाता है कि क्या राज्य में 5 जनवरी 2012 से पहले रजिस्टर्ड किसी भी स्टेज कैरिज और टूरिस्ट बस में MP रूल्स के रूल-164 का उल्लंघन हुआ है। यानी जब बदला हुआ रूल 164 लागू हुआ था। अगर कोई बस रूल 164 का उल्लंघन करती पाई जाती है तो आज से 45 दिनों के अंदर उसका ऑपरेशन रोक दिया जाएगा।

बेंच ने आगे कहा, "ऐसी स्थिति हो सकती है कि एक कंडक्टर होने पर, दो दरवाजों को कंट्रोल करना मुश्किल हो, या इससे दो सीटें चली जाएं। जो भी हो, यह बस मालिक को तय करना है। एक दरवाजा दुर्घटनाओं और आग लगने की घटनाओं के समय बसों में जाने वाले जान-माल को गंभीर रूप से खतरे में डालता है।"

पैसेंजर की सुरक्षा से ऊपर नहीं कमर्शियल बातें
बेंच ने जोर दिया कि, कमर्शियल बातें पैसेंजर की सुरक्षा से ऊपर नहीं हो सकतीं। इसलिए कोर्ट ने RTA को यह जांच करने का निर्देश दिया कि क्या राज्य में किसी भी स्टेज कैरिज और टूरिस्ट बसों द्वारा नियम 164 का उल्लंघन किया जा रहा है। अगर कोई बस उल्लंघन करती पाई जाती है, तो 45 दिनों के अंदर उनका ऑपरेशन रोक दिया जाएगा।