भोपाल। ईरान–इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के असर से मध्यप्रदेश भी अछूता नहीं है। प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति सीमित कर दी गई है, जिसके कारण होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और छोटे उद्योगों के सामने गंभीर स्थिति बनने लगी है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि व्यापारी संगठनों ने भी संभावित संकट को लेकर चिंता जताई है। राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति की स्थिति को लेकर ऑयल कंपनियों, गैस एजेंसियों और व्यापार संगठनों के साथ बैठक की।
होटलों के संचालन पर पड़ेगा असर
व्यापारिक संगठनों के अनुसार शहर में हजारों होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं। यदि सप्लाई कुछ दिनों तक बाधित रहती है तो इनके संचालन पर सीधा असर पड़ सकता है। विवाह समारोहों और आयोजनों के मौसम में बड़े होटलों को एक बार में कई सिलेंडरों की जरूरत होती है, जबकि छोटे रेस्टोरेंट भी प्रतिदिन कई सिलेंडर खर्च करते हैं। अभी कुछ संस्थानों के पास सीमित स्टॉक मौजूद है, लेकिन यह जल्दी समाप्त हो सकता है। गैस संकट का असर केवल होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं है। भोपाल के सराफा बाजार में सोना-चांदी के कारीगर भी बड़ी मात्रा में गैस का उपयोग करते हैं।
सोना-चांदी कारीगरों पर पड़ेगा असर
यदि कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं होते हैं तो हजारों कारीगरों के काम पर असर पड़ सकता है। इसी कारण प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। ग्वालियर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है और केवल अस्पताल या अत्यावश्यक सेवाओं को ही गैस दी जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा। कुछ व्यापारी वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हे जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।
इंदौर में कमर्शियल गैस सप्लाई रोकी
इंदौर में भी कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी गई है, हालांकि फिलहाल होटल उद्योग पर बड़ा संकट नहीं आया है। लेकिन व्यवसायियों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो परेशानी बढ़ सकती है। इसी मुद्दे को लेकर होटल एसोसिएशन ने बैठक बुलाने और राज्य सरकार से चर्चा करने की योजना बनाई है। जबलपुर और उज्जैन में भी गैस की उपलब्धता कम होने की शिकायतें सामने आई हैं। उज्जैन में कई रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर जा पहुंचे हैं। क्योंकि उन्हें दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी में भी देरी की खबरें हैं।
लोग एडवांस में बुक कराने में जुटे
बढ़ती आशंका के कारण लोग पहले से अधिक संख्या में बुकिंग कराने लगे हैं, जिससे प्रतीक्षा अवधि बढ़ गई है। इसी बीच घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। हाल ही में इसकी कीमत में लगभग 60 रुपए की वृद्धि की गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता को नया सिलेंडर बुक करने के लिए पहले की तुलना में अधिक समय तक इंतजार करना होगा और एक महीने में केवल एक ही सिलेंडर मिलने की व्यवस्था लागू की गई है।









