मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरसों पर भावांतर योजना लागू करने और उड़द पर बोनस देने की घोषणा की। किसानों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने की भी बात कही गई।

भोपाल। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब सरसों की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ देगी। यानी यदि बाजार में सरसों का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने पर सरकार इस अंतर की भरपाई करेगी ताकि किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव का नुकसान न उठाना पड़े।  इस कदम को किसानों की आय सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। 

सरकार का ध्यान मूंग से ज्यादा उड़द पर
सीएम यादव ने दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा सरकार का ध्यान मूंग की तुलना में उड़द की खेती प्रोत्साहित करने पर अधिक है। इसी उद्देश्य से उड़द पर बोनस देने का निर्णय लिया गया है। दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने से किसानों की आमदनी में सुधार होगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, ऊर्जा दाता के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में कृषि के साथ ऊर्जा उत्पादन के अवसर भी जोड़े जाएंगे।

इंडो-यूएस एफटीए के विरोध में प्रदर्शन 
सत्र की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक माहौल में गरमी देखने को मिली।  कांग्रेस विधायकों ने इंडो-यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान कुछ नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से मुखौटे पहनकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है। सदन के भीतर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मुद्दा भी उठा। 

सीबीआई करे चिकित्सा छात्रा की मौत की जांच
कांग्रेस विधायकों ने मेडिकल कॉलेज छात्रा की मौत के मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे सीबीआई को सौंपने की बात कही। इस पर सरकार की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया दी गई, लेकिन विपक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए दबाव बनाए रखा। लाड़ली बहना योजना को लेकर भी सदन में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सवाल उठाया कि नई पात्र महिलाओं का पंजीयन कब शुरू होगा, क्योंकि इस बारे में कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई जा रही है। 

विपक्ष ने की नारेबाजी, सदन से वाकआउट किया
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि जो महिलाएं 60 वर्ष की आयु की हैं, उन्हें अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है, नए पंजीयन की तारीख फिलहाल तय नहीं है। इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की। सीएम यादव ने कहा योजना जारी है। सरकार अपने वादे पर कायम है। उन्होंने कहा विपक्ष पहले दावा करता था कि योजना चुनाव तक सीमित है, यह ढाई साल बाद भी जारी है। इस पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट किया।